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नशा से बचाव हेतु जागरूकता अभियान है जारी।नई दिशा अभियान के तहत पं.चक्रपाणी स्कूल में कार्यशाला हुआ संपन्न।

नशा से बचाव हेतु जागरूकता अभियान है जारी।नई दिशा अभियान के तहत पं.चक्रपाणी स्कूल में कार्यशाला हुआ संपन्न।

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रिपोर्ट आशीष पटेल

वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज चैनल।

कलेक्टर दीपक सोनी  के निर्देश में जिले के युवाओं को नशा से बचाने हेतु नशा मुक्त भारत अभियान अंतर्गत नई दिशा कार्यक्रम के माध्यम से लगातार जागरूकता शिविर का आयोजन किए जा रहे है। इसी तारतम्य में बलौदाबाजार में स्थित पं. चक्रपाणी हायर सेकेण्डरी स्कूल एवं माध्यमिक विद्यालय बलौदाबाजार में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया जिसमें कक्षा 6 वी से 12 वीं के लगभग 471 छात्र छात्राओं ने भाग लिया। शिविर में समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक अरविंद गेडाम ने बताया कि नशा एक ऐसी बुराई है जो हमारे समूल जीवन को नष्ट कर देती है। नशे की लत से पीडित व्यक्ति परिवार के साथ समाज पर बोझ बन जाता है। सरकार इन पीड़ित को नशे के चुंगल से छुडाने के लिए नशा मुक्ति अभियान चलाती है,शराब और गुटखें पर रोक लगानें के प्रयास करती है। नशा एक अभिशाप है। यह एक ऐसी बुराई है, जिससे इंसान का अनमोल जीवन समय से पहले ही मौत का शिकार हो जाता है। नशे के लिए समाज में शराब गांजा, भांग, अफिम, जर्दा, गुटखा, तम्बाकू और घुमपान सहित चरस, स्मैक, कोकिन, ब्राउन शुगर जैसे घातक मादक दवाओं और पदार्थों का उपयोग किया जा रहा है। नशे से छुटकारें हेतु नशा मुक्ति केन्द्र भी संचालित किया जा रहा है जिसमें रहने की व्यवस्था, दवाईयों की व्यवस्था, उचित मनोचिकित्सकों की व्यवस्था भी की गई है एवं नशामुक्ति केन्द्र में प्रतिदिन योगाभ्यास, पूजा पाठ एवं सामाजिक कार्यक्रम कराया जाता है। राज्य़ शासन के निर्देशानुसार जीवन जीने की कला जिसे अंग्रेजी में आर्ट ऑफ लिविंग कहा जाता है इसके संबध में भी जानकारी बच्चों को दी गई जिससे वह अपना जीवन सहजता एवं सरलता से यापन कर सके एवं जीवन की कठनाईयों का सामना कर सकें। गौरतलब है कि मादक द्रवों के सेवन की समस्या से निपटने और भारत को नशा मुक्त बनाने के उददेश्य से 15 अगस्त 2020 को नशामुक्त भारत अभियान (एन.एम.बी.ए.) की शुरुवात की गई जिसके तहत देश में नशीली दवाओं के उपयोग के मामले में सबसे अधिक संवेदनशील 272 जिला की पहचान की गई। इस कार्यक्रम में छात्र- छात्राओं को नशा से दूर रहने के नियम और निती पूर्ण बातों का जानकारी देतें हुए बचें रहने की सलाह भी दिये गये। इस अवसर पर उपसंचालक समाज कल्याण अरविन्द गेडाम, मनोचिकित्सक सामाजिक कार्यकर्ता रोशन लाल सहित समाज कल्याण विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, विद्यालय के प्राचार्य एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

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