
सबसे कम उम्र के प्रतिभासंपन्न शतरंज खिलाड़ी डी गोकेश ने मात्र अठारह वर्ष की उम्र मे ही विश्व शतरंज चैम्पियनस बन गए हैं। गोकेश ने फिडे विश्व शतरंज चैम्पियनशिप 2024 जीतकर इतिहास रच दिया है। गोकेश ने मौजूदा चैम्पियन डिंग लिरेन को शतरंज के 14वें गेम मे पराजित करके खिताब अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक विजय के साथ डी गोकेश सबसे कम उम्र के विश्व शतरंज चैम्पियन बन गए है। गोकेश ने 1985 के गैरी कासपारोव के द्वारा बनाए गए रिकार्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। गैरी की उम्र उस समय 22 वर्ष 6माह 27 दिन थी। इस जीत के साथ ही वे विश्वनाथन आनंद के नक्शेकदम पर चलते हुए विश्व शतरंज चैम्पियनशिप जीतने वाले दूसरे भारतीय शतरंज खिलाड़ी बन गए हैं। शतरंज का यह मुकाबला 13 गेम के बाद 6-5-6-5 से बराबरी पर रहा जिसमे डिंग लिरेन अपने अनुभव के आधार पर थोड़ी मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाए हुए थे। गोकेश ने अंतिम गेम मे धैर्य रखते हुए अनुभवी को मात देते हुए शतरंज के इतिहास के सबसे यादगार क्षणों मे से एक 7-5-6-5 से विजयश्री हासिल कर लिया।


