
नकली तरल यूरिया बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मारा। 
मौदहा-हमीरपुर। जिले के बिवांर थाना क्षेत्र के ढुनगवां गांव में पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने नकली तरल यूरिया बनाने वाली एक फैक्ट्री पर छापा मारा। यह कार्रवाई शनिवार को की गई, जिसमें टीम के पहुंचने से पहले ही फैक्ट्री संचालक फरार हो गया। मौके से टीम ने किसानों को अनुदान पर मिलने वाली 98 बोरी यूरिया, 15 खाली बोरियां, टेक्निकल ग्रेड यूरिया की 64 बोरियां और 39 खाली बोरियां बरामद कीं। इस नकली यूरिया की आपूर्ति महोबा और हमीरपुर जिलों में की जा रही थी।
जिला कृषि अधिकारी हरिशंकर ने बताया कि इससे पहले 1 दिसंबर 2024 को छिरका गांव में भी ऐसी ही एक फैक्ट्री पकड़ी गई थी, जो इसी संचालक की थी। अब उसने दूसरी जगह यह अवैध गतिविधि शुरू कर दी थी। फैक्ट्री में टाटा, महिंद्रा, भारत बेंज, अशोक लीलैंड जैसी कंपनियों के नाम से पैकिंग की जा रही थी, जहां 20 लीटर की बाल्टी की कीमत 1290 रुपये थी। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
नकली यूरिया के प्रचलन से किसानों को भारी नुकसान हो सकता है, क्योंकि यह उनकी फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन को प्रभावित करता है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे प्रमाणित विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें और किसी भी संदिग्ध उत्पाद की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।












