
अंबेडकरनगर गर्मी ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। मार्च में ही कई जिलों में लू की स्थिति बनने लगी है। बृहस्पतिवार का दिन इस साल का सबसे गर्म दिन रहा। तेज धूप निकलने से पारा 40 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि 20 से 25 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली धूल भरी गर्म हवा ने राहगीरों ने बेहाल कर दिया।
यही वजह है कि दिन के समय में भी शहर की कई सड़कों पर आम दिनों की अपेक्षा भीड़ कम देखने को मिली। लोग जरूरी काम से घर से निकले तो चेहरा ढंके रहे, ताकि लू लगने का खतरा न हो सके।
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10 दिनों से हो रहे उतार-चढ़ाव के बाद अचानक आई तेज
पिछले 10 दिनों से मौसम में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 18 मार्च को 37 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंच गया था, लेकिन इसके बाद दो से तीन डिग्री लुढ़क गया था। दिन के मुकाबले रात के तापमान में दोगुना अंतर है। यही वजह है दिन में जहां तेज गर्मी का सामना करना पड़ता है, वहीं रात में गुलाबी ठंड का एहसास होता है। बृहस्पतिवार की सुबह से पारा चढ़ने का सिलसिला शुरू हुआ तो दोपहर तक 40 डिग्री सेल्सियस पर जा रुका, जो इस वर्ष का अब तक का सबसे गर्म दिन था। पिछले वर्ष इसी दिन तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड किया गया था।
गेहूं, आम के साथ सब्जियों पर मंडरा रहा खतरा
कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. रामजीत बताते हैं कि इस समय तापमान 25 से 30 डिग्री के मध्य रहना चाहिए, लेकिन 40 डिग्री पहुंच गया है। ऐसे में गेहूं के उत्पादन पर असर पड़ेगा। गेहूं का दाना सिकुड़ जाएगा और चमक भी फीकी पड़ सकती है, जिसके चलते उत्पादन कम होगा। वहीं लगातार सब्जियों के सूखने की आशंका बन गई है, इससे बचाव के लिए शाम के समय खेतों में सिंचाई करना बेहतर विकल्प है। आम के बौर झड़ने से उत्पादन 15 से 20 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। इस समय फसलों की बोआई के लिए भी मौसम अनुकूल नहीं है। फिर भी उड़द, मूंग और मक्का की फसल बोई जा सकती हैं।
पिछले 10 दिनों में मौसम का हाल
दिनांक अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान
18 मार्च 37 14.5
19 मार्च- 34 16
20 मार्च- 33.5 14.5
21 मार्च- 33.5 15
22 मार्च- 35 15
23 मार्च- 36 16
24 मार्च- 36.5 16
25 मार्च- 34 15
26 मार्च- 34.5 15.5
27 मार्च- 40 18
(तापमान डिग्री सेल्सियस में)




















