
महुली सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_
विंढमगंज थाना क्षेत्र के महुली इलाके में सोमवार दोपहर आकाशीय बिजली ने ऐसा कहर बरपाया कि तीन पशुपालक परिवारों की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और आसमान से गिरी बिजली की चपेट में आने से छह गायों और एक गर्भवती भैंस की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है, जबकि प्रभावित पशुपालकों के घरों में कोहराम मचा हुआ है। 
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत फूलवार के राजस्व गांव महुवरिया निवासी रुपन यादव तथा जोरुखाड़ निवासी सुखाई गोंड सोमवार को रोज की तरह अपने दर्जनभर मवेशियों को चराने के लिए घर से लगभग पांच किलोमीटर दूर टेढ़ारिया खोली के जंगल में ले गए थे। दोपहर करीब दो बजे अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। जान बचाने के लिए पशुपालक मवेशियों को सुरक्षित स्थान की ओर ले जाने का प्रयास कर ही रहे थे कि एक पेड़ के नीचे खड़े पशुओं पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई।
इस भीषण हादसे में रुपन यादव की चार गाय तथा सुखाई गोंड की दो गाय मौके पर ही तड़पकर दम तोड़ गईं। देखते ही देखते छह बेजुबान पशुओं की मौत से जंगल में चीख-पुकार मच गई। पशुपालक अपने पशुओं को बचा नहीं सके और असहाय होकर घटना को देखते रह गए।
इसी दौरान जोरुखाड़ गांव निवासी इंद्रजीत यादव के घर पर बंधी एक भैंस भी आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई। भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। इंद्रजीत यादव ने बताया कि भैंस लगभग आठ माह की गर्भवती थी और करीब दो माह बाद बच्चा देने वाली थी। भैंस की मौत से उन्हें भारी आर्थिक क्षति हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मृत पशुओं को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रभावित पशुपालकों को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि पशुपालन ही इन परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है। एक ही दिन में सात पशुओं की मौत ने इन परिवारों की आर्थिक स्थिति को गहरा आघात पहुंचाया है। क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराकर पीड़ित परिवारों को संबल देने की अपील की है।



















