महाराजगंज 4 अप्रैल। वक्फ बोर्ड संशोधन अधिनियम का लाभ मुस्लिम समाज के गरीब तबके के लोगों को मिलेगा। इसी कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक संशोधन करने का काम किया है। वक्फ संशोधन अधिनियम का उद्देश्य गरीब मुसलमानों को लाभ पहुंचाना और संपत्ति का दुरुपयोग रोकना है। उक्त बाते उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार ,आयुष खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग दयाशंकर मिश्रा दयालु ने वक्फ सुधार एवं जन जागरूकता अभियान के तहत जिला पंचायत के स्वर्गीय प्रदीप चौधरी स्मृति सभागार में आज आयोजित वक्फ सुधार जनजागरुकता अभियान को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भारत जैसे बड़े देश में जमीन के एक-एक इंच का उचित उपयोग होना चाहिए। आयुष मंत्री ने कहा कि अब से वक्फ बोर्ड मनमाने ढंग से किसी भी गांव को वक्फ संपत्ति घोषित नहीं कर पाएंगे। समाज के कुछ मठाधीशों ने वक्फ की संपत्ति से अपना घर भरा । उन्होंने आगे कहा कि अल्लाह को संपत्ति दान करने के लिए सक्षम होना जरूरी है, लेकिन कांग्रेस ने मुस्लिम वर्ग को समृद्ध, शिक्षित और समर्थ होने ही नहीं दिया । कांग्रेस ने मुस्लिमों का उपयोग केवल वोट बैंक के लिए किया । मुसलमानों को किसी भी एक पार्टी का बनकर नहीं रहना चाहिए, जो पार्टी समाज के लिए काम करें, समाज की सेवा करें, उसी पार्टी को आशीर्वाद देना चाहिए । कांग्रेस, औवेसी या अन्य इंडी गठबंधन के लोगों ने कभी भी गरीब मुसलमान को आगे बढ़ने नहीं दिया । ये लोग हमेशा भड़काने और बांटने का काम करते हैं । ये सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेकते हैं। मंत्री ने कहा कि ओवैसी जैसे लोग सिर्फ अराजकता पैदा करना चाहते हैं। समाज में वर्ग संघर्ष पैदा करना चाहते हैं। इससे देश कमजोर होगा, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी जी ऐसा कभी होने नहीं देंगे। सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया ने कहा कि नए वक्फ संशोधन बिल के लागू होने पर अब संपत्ति की लूट नहीं होगी। गरीबों को उनका हक मिलेगा। पहले कानून की लचरता का लाभ उठाते हुए काफी लोगों ने संपत्ति की लूटपाट की थी।उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन कानून से कांग्रेस और सपा में बेचैनी का माहौल है। भाजपा मुस्लिम समाज में जानजागरण अभियान चलाएगी । गरीबों के हक को भाजपा उन गरीबों तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। सच्चर कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार 2006 में 4 लाख 50 हजार संपत्ति थी जिनकी आय 163 करोड़ थी 2013 में 8 लाख 72 हजार संपति से 166 करोड़ कमाई हुई। जबकि कमाई 100 अरब से ऊपर हो सकती थी। इस संपत्ति से गरीबों की सुविधा के लिए शिक्षा स्वास्थ्य की व्यवस्था होगी। अस्पताल, सामुदायिक केंद्र बन सकें। भाजपा सरकार में कमाई का हिसाब रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि बिल लागू होने के बाद देश में गरीब मुसलमानों, विधवाओं और यतीम बच्चों का भला होगा। अब अधिनियम लागू होने के बाद वक्फ संपत्ति का मुतवल्ली को हिसाब देना होगा। अभी तक वक्फ से होने वाली आय व खर्चों का कोई खाता बही नहीं होता था। वक्फ कानून से किसी भी मस्जिद, दरगाह, कब्रिस्तान या खानकाह का अस्तित्व समाप्त नहीं होने वाला है। जिलाध्यक्ष अशोक पांडेय उर्फ संजय पांडेय ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून के बाद गरीब मुसलमानों के साथ अन्याय नहीं होगा । इससे सबका साथ, सबका विकास का संकल्प साकार होगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वक्फ एक तरह का ट्रस्ट है जो मुसलमानों के हित में काम करने के लिए बनाया गया था लेकिन इस ट्रस्ट पर कुछ लोगों का कब्जा हो गया जिस कारण इसका लाभ मुसलमानों के सभी वर्गों तक नहीं पहुंच सका। कमजोर मुसलमान इस लाभ से वंचित रहे। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वक्फ संशोधन कानून बन चुका है ।उन्होंने कहा कि इस विधेयक के पास होने के बाद देश के करोड़ों मुसलमान आज प्रधानमंत्री को धन्यवाद दे रहे हैं लेकिन विपक्ष को यह कानून रास नहीं आ रहा है । इस कानून को लेकर समाज के लोगों को बरगलाया जा रहा है। इसमें महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिलेगा । वक्फ गरीबों और अनाथों के लिए होता है। मोदी सरकार का प्रयास है कि देश का गरीब वर्ग समृद्ध और सशक्त होगा तो देश समृद्धि की ओर अग्रसर होगा, लेकिन विपक्षी नेताओं ने कभी गरीब वर्ग की चिंता नहीं की । इस अवसर पर अल्प संख्यक मोर्चा जिला संयोजक इल्ताफ खान, क्षेत्रीय महामंत्री अल्प संख्यक मोर्चा अफरोज आलम, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष गुड्डू खान, जिला पंचायत सदस्य टुनटुन खान, डॉ फरीदा सिद्दीकी, शाहनवाज खान, अब्दुल्ला खान, जिला उपाध्यक्ष संतोष सिंह, जिला महामंत्री बबलू यादव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर प्रधान रहमतुल्लाह, प्रधान संघ अध्यक्ष अनिल जोशी, प्रधान संघ ब्लॉक अध्यक्ष रमेश सिंह, नगर अध्यक्ष आकाश श्रीवास्तव, पूर्व मंडल अध्यक्ष अभिषेक पांडेय , बलराम दुबे, आशीष कसौधन, अश्वनी सिंह, आफताब आलम, शहीद अली, शिबू खान, बदरुद्दीन, शमीम खान, मोहम्मद मुजाहिद अली सहित सैकड़ों की संख्या में अल्प संख्यक समाज के लोग मौजूद रहे।