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उत्तर प्रदेशबस्ती

75 पंप नलकूप वर्कशॉप में पड़े, जबकि कई अभी तक मरम्मत को नहीं पहुंचे

अजीत मिश्रा (खोजी)

।। लो वोल्टेज की समस्या से 75 नलकूप पंप खराब, किसान परेशान फोटो 20बीएसटी 7-शास्त्री चौक स्थित नलकूप विभाग के वर्कशॉप में पड़े है 75 से अधिक खराब नलकूप पंप।।

💫एक नलकूप से 100 हेक्टयर से अधिक खेत की होती है सिंचाई।
💫भारी संख्या में नलकूप पंप खराब होने से 7500 हेक्टयर खेतों की सिंचाई प्रभावित।
💫75 पंप नलकूप वर्कशॉप में पड़े, जबकि कई अभी तक मरम्मत को नहीं पहुंचे।
💫नलकूप वर्कशॉप में नहीं है स्टार्टर के साथ अन्य नलकूप संबंधित उपकरण।
💫विभाग जिला प्रशासन को देते है खराब नलकूपों की गलत सूचना।
💫 652 नलकूपों की हो जांच तो खुल जाएगी नलकूप विभाग की पोल।

बस्ती (विधान केसरी)। जिले में लो वोल्टेज की समस्या से सैकड़ों नलकूप पंप से अधिक खराब होने के कारण किसान परेशान है। धान की रोपाई 80 प्रतिशत पूर्ण हो गई है। धान की रोपाई पूर्ण होने के बाद धान के फसलों में पानी की भरपूर जरूरत होता है, लेकिन जनपद में लो वोल्टेज की समस्या से हर कोई परेशान है। इस लो वोल्टेज के कारण जनपद में स्थापित हुए 652 नलकूपों की स्थिति डमाडोल है। जिसकी वजह से जिले में नलकूप संख्या 228बीजी, 82बीजी, 159बीजी, 6बीजी के साथ 75 से अधिक नलकूप पंप खराब होकर शास्त्री चौक स्थित नलकूप विभाग के वर्कशॉप में मरम्मत के लिए आए हुए है। वहीं जितने नलकूप वर्कशाप में पड़े है उतना ही खराब नलकूप पंप आने बाकी है। वहीं विभागीय जानकारी के अनुसार इन खराब नलकूप की संख्या लगभग दो सौ अधिक बताया जा रहा है। इसके साथ यह भी बताया कि वहीं विभाग के अधिकारी शासन व जिला प्रशासन को गलत रिपोर्ट सौपते है। क्योंकि किसान अगर प्रशासन से शिकायत करने आता है तो उस किसान की सिंचाई विभाग के लोग रोक देते है। इसलिए किसान इन अधिकारियों से पंगा नहीं लेना चाहता है। जिसके कारण भारी संख्या में नलकूप पंप खराब होने से जनपद के 7500 हेक्टेयर से अधिक खेतों की सिंचाई प्रभावित है। खेतों की सिंचाई प्रभावित होने के कारण किसानों के फसल सूख रहे है। वहीं धान के फसलों के जमीन में दरार पैदा हो गया है। वहीं विभागीय जानकार बताते है अगर 652 नलकूपों की जांच हो जाए तो सभी अधिकारियों की पोल खुल जाएगा। इन खराब नलकूपों की मरम्त के लिए शासन स्तर से प्रति वर्ष लगभग तीन करोड़ की धनराशि आवंटन किया जाता है। लेकिन फिर भी इन नलकूपों के मरम्मत के लिए शास्त्री चौक पर स्थित नलकूप वर्कशॉप में स्टार्टर के साथ अन्य नलकूप संबंधित उपकरण नहीं है। वहीं सरकार किसानों की आय दुगना करने के लिए एक से एक तरकीप अपना रही है। लेकिन जिले में जिम्मेदार सरकार के मंशा पर खरे नहीं उतर रहे है। इस मामले को लेकर नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता विपिन कुमार वर्मा से बात की गई तो उन्होने बताया कि लो वोल्टेज से नलकूप पंप अधिक खराब हो रहे है। वहीं वर्कशॉप में पड़े नलकूप पंप एक से दो दिनों में ठीक कराकर नलकूपों पर पहुंचा दिया जाता है। जिसके बाद किसानों के फसलों की सिंचाई करवाया जा रहा है। इसके साथ यह भी बताया कि कुछ नलकूप पंप कंडम है। जिसकी मरम्मत नहीं कराया जा सकता है।

कंडम नलकूप पंपों को कुछ माह पहले मुण्डेरवा कार्यशाला से किया जा चुका नीलाम नलकूप विभाग के सभी कंडम व खराब नलकूप संबंधित उपकरण विभाग के मुण्डेरवा में स्थित कार्यशाला में पहुंचा दिया जाता है। वहीं से इन कंडम व खराब उपकरणों का नीलामी इस कार्यशाला से कर दिया जाता है। वहीं कुछ माह पहले कंडम व खराब उपकरणों की नीलामी किया गया था।

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