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सहारनपुर में खनन माफियाओं पर अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई — तीन स्टोन क्रेशरों के लाइसेंस निरस्त, करोड़ों का जुर्माना, गैंगस्टर एक्ट की तैयारी

डीएम मनीष बंसल के सख्त निर्देशों पर चलते हुए अवैध खनन के गढ़ माने जाने वाले इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी

🚨 सहारनपुर में खनन माफियाओं पर अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई — तीन स्टोन क्रेशरों के लाइसेंस निरस्त, करोड़ों का जुर्माना, गैंगस्टर एक्ट की तैयारी

सहारनपुर — जिला प्रशासन ने डीएम मनीष बंसल के सख्त निर्देशों पर चलते हुए अवैध खनन के गढ़ माने जाने वाले इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर खनन माफियाओं की कमर तोड़ दी है। इस ऐतिहासिक कार्रवाई का नेतृत्व जिला खनन अधिकारी सुभाष सिंह ने किया, जिसमें तीन बड़े और वर्षों से सक्रिय स्टोन क्रेशरों के भंडारण लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए और उन पर करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाया गया।

अधिकारियों के मुताबिक, शिवा स्टोन क्रेशर पर ₹1,29,38,760, महादेव स्टोन क्रेशर पर ₹23,10,380 और शिव स्टोन क्रेशर पर ₹1,26,16,700 का जुर्माना ठोका गया है। ये रकम न केवल अवैध खनन के चलते राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए है, बल्कि इसमें परिवहन नियमों के उल्लंघन, ओवरलोडिंग और पर्यावरण को हुए नुकसान के आकलन की राशि भी शामिल है।

जानकारी के अनुसार, लंबे समय से जिले के कुछ हिस्सों में खनन माफियाओं का नेटवर्क इतनी गहराई से फैला हुआ था कि स्थानीय स्तर पर डर और दबाव के चलते कोई खुलकर शिकायत करने की हिम्मत नहीं करता था। प्रशासन की इस कार्रवाई ने न केवल इन माफियाओं को आर्थिक रूप से कमजोर किया है, बल्कि उनके भविष्य के लिए भी खतरे की घंटी बजा दी है।

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह मामला यहीं खत्म नहीं होगा। जिला खनन अधिकारी ने बताया कि संबंधित क्रेशर मालिकों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह कदम इस बात का स्पष्ट संदेश है कि जो भी व्यक्ति संगठित तरीके से अवैध खनन करेगा, वह केवल आर्थिक जुर्माने से नहीं बचेगा बल्कि संगीन धाराओं के तहत जेल की सलाखों के पीछे जाएगा।

स्थानीय पर्यावरण कार्यकर्ताओं और गांव के निवासियों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अवैध खनन के कारण नदियों का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा था, ज़मीन की उर्वरता कम हो रही थी और भूजल स्तर में खतरनाक गिरावट आ रही थी। इसके अलावा, रात के समय होने वाले अवैध खनन से ग्रामीणों की नींद हराम हो गई थी और सड़कें खतरनाक तरीके से क्षतिग्रस्त हो रही थीं।

पिछले कई महीनों से खनन विभाग को लगातार इन तीन क्रेशरों की गतिविधियों पर शिकायतें मिल रही थीं। विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि ये क्रेशर लाइसेंस की शर्तों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे थे और रजिस्टरों में खनन मात्रा को कम दिखाकर टैक्स और रॉयल्टी चोरी कर रहे थे।

इस कार्रवाई के बाद जिले के बाकी खनन कारोबारियों में भी खलबली मच गई है। प्रशासन का कहना है कि अगला चरण और भी सख्त होगा, जिसमें अवैध खनन में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी और वाहन भी ज़ब्त किए जाएंगे और दोषियों की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

रिपोर्ट: एलिक सिंह
🖋 संपादक – समृद्ध भारत समाचार / वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
📌 उत्तर प्रदेश महासचिव – भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद
📞 +91 82175 54083

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