
सहारनपुर : थाना जनकपुरी में पीड़ित की तबीयत बिगड़ी, पुलिस ने दिखाई तत्परता, समय पर मिली मदद
सहारनपुर।
थाना जनकपुरी क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया जिसने न केवल प्रशासन की सक्रियता बल्कि पुलिस की संवेदनशीलता को भी उजागर किया। जानकारी के मुताबिक, कुछ दिनों से न्याय और इंसाफ की उम्मीद में थाने के चक्कर काट रहा एक पीड़ित पक्ष शुक्रवार को अचानक थाने में ही तबीयत बिगड़ने की वजह से गिर पड़ा। स्थिति गंभीर होती देख मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। लेकिन इस बार पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े होने के बजाय उसकी कार्यशैली ने सबको राहत की सांस दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल हरकत दिखाई और बिना समय गंवाए एंबुलेंस की व्यवस्था कर पीड़ित को जिला अस्पताल पहुँचाया। पुलिस की इस तत्परता की वजह से पीड़ित को तुरंत चिकित्सकीय मदद मिल सकी और उसकी जान बच गई।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पीड़ित परिवार लंबे समय से अपनी शिकायत को लेकर थाना जनकपुरी पुलिस से संपर्क कर रहा था। कई बार की कोशिशों और मानसिक दबाव के चलते पीड़ित की हालत पहले से ही कमजोर थी। शुक्रवार की शाम जब पीड़ित पक्ष फिर से थाने पहुँचा तो तनाव और थकान की वजह से अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी। स्थिति देखते ही थाना प्रभारी और मौजूद पुलिसकर्मी तुरंत हरकत में आए और बिना देरी किए जिला अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की। बताया जाता है कि पुलिसकर्मियों ने खुद पीड़ित को स्ट्रेचर पर उठाने में मदद की और डॉक्टरों से संपर्क कर आपातकालीन उपचार शुरू करवाया।
अस्पताल प्रशासन ने भी पुलिस की इस मानवीय पहल की सराहना की। डॉक्टरों ने बताया कि यदि समय पर मरीज को अस्पताल न पहुँचाया जाता तो उसकी हालत और गंभीर हो सकती थी। पुलिस की तत्परता से न केवल पीड़ित की जान बच गई बल्कि लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास भी बढ़ा। फिलहाल पीड़ित पूरी तरह स्वस्थ है और उसका इलाज पूरा हो चुका है।
मामले पर एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बयान जारी करते हुए कहा कि पूरी गंभीरता के साथ मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि हर पीड़ित को न्याय दिलाना पुलिस की जिम्मेदारी है और किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। एसपी सिटी ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए हर समय तत्पर है। उन्होंने थाना जनकपुरी पुलिसकर्मियों की सराहना की और कहा कि उन्होंने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए पीड़ित की जान बचाने में जो तत्परता दिखाई, वह अन्य थाना क्षेत्रों के लिए भी उदाहरण है।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की जमकर प्रशंसा की। मोहल्ले के निवासियों का कहना है कि अक्सर पुलिस पर उदासीनता और देरी से कार्रवाई करने के आरोप लगते हैं, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया कि जब पुलिस ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम करती है, तो आम जनता का भरोसा बढ़ता है। लोगों ने कहा कि यह घटना पुलिस की सकारात्मक छवि को और मजबूत करेगी और भविष्य में नागरिकों को भी यह भरोसा रहेगा कि मुश्किल समय में पुलिस उनके साथ खड़ी है।
इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यशैली पर चल रही बहस को भी नया मोड़ दे दिया है। जहां एक ओर पुलिस पर अकसर लापरवाही और देरी के आरोप लगते रहते हैं, वहीं दूसरी ओर थाना जनकपुरी पुलिस ने यह दिखा दिया कि त्वरित निर्णय और इंसानियत भरा व्यवहार किस तरह से एक जीवन बचा सकता है। पुलिस के इस कदम से प्रशासनिक तंत्र की विश्वसनीयता में इज़ाफा हुआ है और नागरिकों के बीच यह संदेश गया है कि यदि पुलिस तत्परता दिखाए तो कई गंभीर हालात को समय रहते काबू में किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, सहारनपुर थाना जनकपुरी की यह घटना पुलिस की जिम्मेदार और संवेदनशील छवि को सामने लाने वाली साबित हुई है। पुलिस की इस पहल से न केवल पीड़ित की जान बची बल्कि समाज में भी यह सकारात्मक संदेश गया कि न्याय और सुरक्षा के लिए पुलिस हर पल तैयार है।
✍ रिपोर्ट : एलिक सिंह
संपादक — वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
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