
हाथरस। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गौ-संवर्धन गतिविधि द्वारा हरिगढ़ रोड स्थित हनुमान जी महाराज नवग्रह मंदिर पर भव्य गोपाष्टमी उत्सव मनाया गया। गौ संगोष्ठी में गौ महत्व पर प्रकाश डाला वहीं हवन यज्ञ किया गया। मन्दिर की गौशाला में गौ पूजन किया गया। कार्यक्रम उपरांत खिचडी प्रसादी का वितरण किया गया। हरिगढ़ रोड स्थित हनुमान जी महाराज नवग्रह मंदिर पर भव्य गोपाष्टमी उत्सव में विद्वान पंडित ललित उपाध्याय द्वारा मंत्र उच्चारण के संग विधि विधान पूर्वक हवन यज्ञ किया गया। मुख्य यजमान नवग्रह मंदिर के महंत दिनेश गुरू ने यज्ञ में आहूतियाँ देकर गौ कल्याण से विश्व कल्याण की कामना की गई। हवन यज्ञ उपरांत गौ संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मंचासीन अतिथियो को जिला प्रचार प्रमुख आशीष सेंगर ने शॉल उड़ाकर एवं गौ माता की मूर्ति भेंट कर स्वागत किया। मुख्य वक्ता हरिगढ़ विभाग प्रचारक गोविन्द ने मनुष्य जीवन मे गौ माता के महत्व पर प्रकाश डालते हुये कहा कि हिन्दू धर्म में गोपाष्टमी का विशेष महत्व है। गौमाता की परिक्रमा करके उन्हें हरा चारा केला गुड़ आदि खिलाया गया। संचालन सह नगर कार्यवाह टिंकू राना ने किया। इस मोके पर जिला गौ संबर्धन प्रमुख देवेंद्र तोमर, जिला प्रचारक जयकिशोर, नगर प्रचारक शिवम, विभाग सह सम्पर्क प्रमुख दुर्गेश गुप्ता, विभाग योग प्रमुख हजारी लाल, जिला सेवा प्रमुख योगेश बागड़ी, नगर संपर्क प्रमुख वीरेंद्र माहौर, सुनीत आर्य, ठाकुर जोगेन्द्र सिंह, गौरव आर्य, हरीश सेंगर, प्रदीप सिंह सोहन सिंह, मूलचंद्र वाष्र्णेय, मोहन पंडित एडवोकेट, संजय सक्सेना, योगेश पचौरी, राजू राणा, अनूप अग्रवाल,
नरेंद्र सिंह, राजेन्द्र नाथ चतुर्वेदी, रामहरि चाहर अंकित गौड़, गोपाल सिंह वैध मोहन ब्रजेश आदि मौजूद थे। गांव तुर्तीपुर में कुश्ती दंगल का जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा रामवीर उपाध्याय ने किया पहलवानो का हाथ मिलवाकर शुभारंभ
सिकंदराराऊ / हाथरस। विकास खंड सिकंदराराऊ के ग्राम तुर्तीपुर में गुरुवार को एक शानदार और ऐतिहासिक
- विशाल कुश्ती दंगल का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा रामवीर उपाध्याय ने किया। मुख्य अतिथि सीमा उपाध्याय ने परंपरागत रीति से फीता काटकर व पहलवानों से परिचय प्राप्त कर दंगल का शुभारंभ किया था। आयोजक जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर यादव पहलवान ने बताया कि इस दंगल का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं में पारंपरिक खेलों के प्रति रुचि जागृत करना और उन्हें नशे से दूर रखना है। दंगल में क्षेत्र व आसपास के जिलों के नामचीन पहलवानों ने अपने दांव-पे. चों का शानदार प्रदर्शन किया। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य उमा शंकर गुप्ता, सोनू चौहान, आकाश दीक्षित, दुर्गेश पचौरी, रिंकू शर्मा, शोहित दीक्षित, रानू पंडित, विजय ठाकुर, अरुण दीक्षित, रूम सिंह यादव मौजूहाथरस:
- सिकंदराराऊ का बस अड्डा 20 साल बीतने के बाद भी फाइलों में ही झूल रहा है। इस दौरान कई विधायक बदल गए। नेताओं ने बस अड्डा बनवाने का वादा करके सिकंदराराऊ की जनता को सपने खूब दिखाए मगर आज तक साकार नहीं करा सके। अब दावा किया जा रहा है कि क्षेत्रीय विधायक बीरेंद्र सिंह राणा बस अड्डे के लिए प्रयासरत हैं। कई बार मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं और डीएम के जरिए पत्राचार भी कराया है। 20 अक्टूबर को निवर्तमान डीएम ने प्रमुख सचिव से पत्राचार किया है, मगर सिकंदराराऊ के लोगों का दर्द ये है कि कस्बे से तीन किलोमीटर दूर बस अड्डे का निर्माण उपयुक्त रहेगा?
- 20 वर्ष पहले तक रोडवेज बसों का संचालन नगर पालिका गेट के सामने एक प्राइवेट जगह से होता था। बाद में वह जगह रोडवेज से खाली करा ली गई। तब से चार-चार बार जनप्रतिनिधि बदल गए, मगर सिकंदराराऊ तहसील मुख्यालय जैसी जगह पर एक स्थाई रोडवेज बस अड्डे का सपना साकार नहीं करा पाए।
- जनता 20 साल से रोडवेज बस में सफर करने को भटक रही है। अब तक हाईवे बनने के बाद बसें भी बाइपास होकर निकल जाती हैं। कासगंज और हाथरस से आने वाली बसें पंत चौराहे से होकर निकलती हैं, जिनके यहां ठहराव होने से दिनभर जाम की स्थिति बनी
- सिकंदराराऊ से तीन किलोमीटर दूर रतनपुर में जगह चिह्नित, डीएम ने लिखा पत्र
- विधायकों के प्रयास भी लोगों के सपने को साकार करने में रहे हैं अभी नाकाम
- सिकंदराराऊ में 20 साल पहले यहां था वस अड्डा जहां हो गया अतिक्रमण जागरण रहती है।
- शासन ने सिकंदराराऊ में रोडवेज
- बस स्टैंड के लिए जमीन तलाशने के निर्देश दिए तो कस्बे की उम्मीदें जाग गईं। तहसील के लेखपालों की टीम ने संभावित स्थानों पर जाकर जमीन की पैमाइश की। एक बार फिर ऐसा लगने लगा है कि बस स्टैंड अंजाम तक पहुंच जाएगा। पूर्व में भी कई बार जमीन से संबंधित प्रस्ताव शासन को भेजे जा चुके हैं, लेकिन हर बार बस स्टैंड का निर्माण अधर में ही लटक जाता रहा है। जिले की प्रमुख तहसील होने के बावजूद सिकंदराराऊ में बस स्टैंड का न होना, हर किसी को कचोटता है। प्रतिदिन सैकड़ों बसें यहां से गुजरती हैं, मगर रोडवेज विभाग के अफसरों ने इस समस्या को कभी गंभीरता से नहीं लिया। 55 हजार की आबादी एवं दो-दो हाईवे पर बसा होने के बावजूद जनता बस स्टैंड के लिए तरस रही है।
- चुनाव के वक्त बस अड्डे की
- रोडवेज बस अड्डे को लेकर शासन से एक बार फिर पत्राचार किया जाएगा। हालांकि कुछ दिन पहले की पत्राचार हो चुका है। गंभीर समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
- अतुल वत्स, डीएम हाथरस।
- बात जरूर सामने आती है, लेकिन चुनाव बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। पिछले एक दशक में कई बार बस स्टैंड के लिए जमीन तलाशी गई, लेकिन योजना मूर्त रूप नहीं ले सकी। बता दें कि सपा शासनकाल में तहसील के पास सैन्य पड़ाव की जमीन पर बस स्टैंड का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था मगर मामला बीच में ही थम गया।
- अब रतनपुर में जमीन को चिह्नित किया गया है और उसे लेकर निवर्तमान डीएम राहुल पांडेय ने प्रमुख सचिव को पत्र भी लिखा है। पत्र में सिकंदराराऊ के विधायक बीरेंद्र सिंह राणा की ओर से पत्राचार करने का भी उल्लेख है।हाथरस:
- सिकंदराराऊ का बस अड्डा 20 साल बीतने के बाद भी फाइलों में ही झूल रहा है। इस दौरान कई विधायक बदल गए। नेताओं ने बस अड्डा बनवाने का वादा करके सिकंदराराऊ की जनता को सपने खूब दिखाए मगर आज तक साकार नहीं करा सके। अब दावा किया जा रहा है कि क्षेत्रीय विधायक बीरेंद्र सिंह राणा बस अड्डे के लिए प्रयासरत हैं। कई बार मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं और डीएम के जरिए पत्राचार भी कराया है। 20 अक्टूबर को निवर्तमान डीएम ने प्रमुख सचिव से पत्राचार किया है, मगर सिकंदराराऊ के लोगों का दर्द ये है कि कस्बे से तीन किलोमीटर दूर बस अड्डे का निर्माण उपयुक्त रहेगा?
- 20 वर्ष पहले तक रोडवेज बसों का संचालन नगर पालिका गेट के सामने एक प्राइवेट जगह से होता था। बाद में वह जगह रोडवेज से खाली करा ली गई। तब से चार-चार बार जनप्रतिनिधि बदल गए, मगर सिकंदराराऊ तहसील मुख्यालय जैसी जगह पर एक स्थाई रोडवेज बस अड्डे का सपना साकार नहीं करा पाए।
- जनता 20 साल से रोडवेज बस में सफर करने को भटक रही है। अब तक हाईवे बनने के बाद बसें भी बाइपास होकर निकल जाती हैं। कासगंज और हाथरस से आने वाली बसें पंत चौराहे से होकर निकलती हैं, जिनके यहां ठहराव होने से दिनभर जाम की स्थिति बनी
- सिकंदराराऊ से तीन किलोमीटर दूर रतनपुर में जगह चिह्नित, डीएम ने लिखा पत्र
- विधायकों के प्रयास भी लोगों के सपने को साकार करने में रहे हैं अभी नाकाम
- सिकंदराराऊ में 20 साल पहले यहां था वस अड्डा जहां हो गया अतिक्रमण जागरण रहती है।
- शासन ने सिकंदराराऊ में रोडवेज
- बस स्टैंड के लिए जमीन तलाशने के निर्देश दिए तो कस्बे की उम्मीदें जाग गईं। तहसील के लेखपालों की टीम ने संभावित स्थानों पर जाकर जमीन की पैमाइश की। एक बार फिर ऐसा लगने लगा है कि बस स्टैंड अंजाम तक पहुंच जाएगा। पूर्व में भी कई बार जमीन से संबंधित प्रस्ताव शासन को भेजे जा चुके हैं, लेकिन हर बार बस स्टैंड का निर्माण अधर में ही लटक जाता रहा है। जिले की प्रमुख तहसील होने के बावजूद सिकंदराराऊ में बस स्टैंड का न होना, हर किसी को कचोटता है। प्रतिदिन सैकड़ों बसें यहां से गुजरती हैं, मगर रोडवेज विभाग के अफसरों ने इस समस्या को कभी गंभीरता से नहीं लिया। 55 हजार की आबादी एवं दो-दो हाईवे पर बसा होने के बावजूद जनता बस स्टैंड के लिए तरस रही है।
- चुनाव के वक्त बस अड्डे की
- रोडवेज बस अड्डे को लेकर शासन से एक बार फिर पत्राचार किया जाएगा। हालांकि कुछ दिन पहले की पत्राचार हो चुका है। गंभीर समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
- अतुल वत्स, डीएम हाथरस।
- बात जरूर सामने आती है, लेकिन चुनाव बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। पिछले एक दशक में कई बार बस स्टैंड के लिए जमीन तलाशी गई, लेकिन योजना मूर्त रूप नहीं ले सकी। बता दें कि सपा शासनकाल में तहसील के पास सैन्य पड़ाव की जमीन पर बस स्टैंड का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था मगर मामला बीच में ही थम गया।
- अब रतनपुर में जमीन को चिह्नित किया गया है और उसे लेकर निवर्तमान डीएम राहुल पांडेय ने प्रमुख सचिव को पत्र भी लिखा है। पत्र में सिकंदराराऊ के विधायक बीरेंद्र सिंह राणा की ओर से पत्राचार करने का भी उल्लेख है।द थे।
















