

अयोध्या/अम्बेडकरनगर। भारत की आत्मा गाँवों में बसती है, गाँव की शिक्षा और जीवन स्तर जितना उत्कृष्ट होगा उतना ही देश का भविष्य उज्ज्वल होगा। गाँवों के विकास से ही देश का समग्र विकास संभव है और शिक्षा इस विकास की आधारशिला है गाँव के विकास में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षा से ही ग्रामीणों को जागरूकता, ज्ञान और कौशल प्राप्त होता है, जिससे वे अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं और गाँव के विकास में योगदान कर सकते हैं, लोगों के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में सरकार, सामाजिक संगठन और स्वयंसेवी संस्थाएं जिम्मेदार होती हैं, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर काम करती हैं। इसके अलावा, गाँव के लोग भी अपने जीवन स्तर को सुधारने के लिए स्वयं प्रयास करें और एकजुट होकर काम करें तो यह कार्य और भी आसान हो जाता है यानी हम सबको मिलकर अपने गांव क्षेत्र के विकास, उज्ज्वल भविष्य और खुशहाल जीवन के लिए सही दिशा में और एक निर्धारित लक्ष्य पर काम करना होगा। हमें अपने गाँव-देहात को स्वच्छ, स्वस्थ और समृद्ध बनाने के उद्देश्य में नशामुक्ति का विशेष ध्यान रखना होगा चूँकि वर्तमान समय में समाज का सबसे अधिक हानि नशा के कारण हुआ है अर्थात नशा ही नाश की जड़ है समाज के पतन का मूल कारण, मानव मस्तिष्क में विकृत के साथ शरीर को गंभीर बीमारी से ग्रसित कर देता है इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प लेना होगा चूँकि प्रगति पथ पर, विकास के पथ पर चलने के लिए स्वस्थ मनोमस्तिष्क का होना नितांत आवश्यक है तभी हम सब अपने लक्ष्य को प्राप्त करेंगे कार्य को सही ढंग से करने में सफल होंगे। तो आओं हम सब मिलकर क्यों न अपने गांव के विकास के लिए, गाँव की खुशहाली के लिए एक बेहतर माहौल तैयार करें? नशामुक्त जीवन अपनाकर अपने गांव को स्वच्छ, स्वस्थ और समृद्ध बनाएं और गांव के विकास के लिए एकजुट हों और एक बेहतर भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाएं। गाँव के संसाधनों का सही उपयोग हो यानी उपलब्ध प्राकृतिक और मानव संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना और उन्हें बर्बाद होने से बचाना। गाँव के संसाधनों में जमीन, पानी, वनस्पति, जीव-जन्तु, ऊर्जा, मानव संसाधन, पशु संसाधन और खनिज संसाधन ये सभी सम्मलित होते हैं।
भारत का उज्ज्वल भविष्य प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य और उत्तरदायित्व है। तो आइए अपने देश के विकास के लिए एकजुट होकर काम करें, और अपने देश को मजबूत, समृद्ध और खुशहाल बनाने के लिए प्रयास करें। यह हमारा साझा उत्तरदायित्व है कि हम भारत को एक उज्ज्वल भविष्य की दिशा में ले जाएं। -लेखक वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता व स्तंभकार
वन्देभारत लाइव टी वी न्यूज के साथ कैलाश नाथ तिवारी की रिपोर्ट अयोध्या




