
जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही 6 नवंबर 2025 अमरकंटक धाम से मैकल परिक्रमा 5 नवंबर को मां नर्मदा पूजन के बाद प्रारंभ हुई। यह परिक्रमा 7 दिनों में 120 किलोमीटर की है। मां नर्मदा पुराण के 28 वे अध्याय के श्लोक संख्या 124 और 129 में वर्णित है पर्वतराज अमरकंटक मैकल पर्वत तीनों पर्वतों में प्रसिद्ध है एवं करोड़ रुद्रदेव संयुक्त है। जो पर्वतराज अमरकंटक मैकल की परिक्रमा श्रद्धा पूर्वक करता है उसे संपूर्ण पृथ्वी की परिक्रमा का फल प्राप्त होता है और संपूर्ण पापों का नाश होता है। रिद्धि सिद्धि धन धान्य की मनोकामना से लाखों साधु संत और भक्तगण परिक्रमा करते हैं ।

मैकल परिक्रमा 5 नवंबर कार्तिक पूर्णिमा बुधवार को मां नर्मदा पूजन अमरकंटक से प्रारंभ हुई है रात्रि विश्राम जगतपुर करंजिया, 6 नवंबर गुरुवार जगतपुर से रात्रि विश्राम पकरी सोढा, खन्नात, 7 नवंबर शुक्रवार पकरी सोढा से जलेश्वर धाम में रात्रि विश्राम, 8 नवंबर शनिवार जलेश्वर धाम से पकरिया गौरेला में रात्रि विश्राम, 9 नवंबर रविवार पकरिया से माई का मड़वा ढाडपथरा में रात्रि विश्राम , 10 नवंबर सोमवार माई का मड़वा से आमाडोब रात्रि विश्राम, और 11 नवंबर मंगलवार आमाडोब से गणेशधुना अमरकंटक में मां नर्मदा पूजन के बाद यात्रा की समाप्ति। यात्रा के संरक्षक श्री 1008 परमहंस संत श्री सीताराम महाराज अमरकंटक, यात्रा संयोजक श्री श्री संत भगवान दास जी महराज गणेशधुना अमरकंटक और संयोजक मां नर्मदा मैकल परिक्रमा समिति अमरकंटक एवं समस्त भक्तगण।












