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अमरवाड़ा विधानसभा: सिंगोड़ी बड़े राजनीतिक चेहरों का ‘निवास’, फिर भी विकास की दौड़ में सबसे पीछे

फिल्टर प्लांट बंद, अस्पताल में डॉक्टर नहीं: सिंगोड़ी की बदहाली पर जनप्रतिनिधि खामोश क्यों?

 

(छिंदवाड़ा): अमरवाड़ा, विधानसभा क्षेत्र की सबसे बड़ी और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण पंचायतों में से एक सिंगोड़ी, आज विकास के नाम पर एक ‘कलंक’ बनती जा रही है। यह विडंबना है कि सिंगोड़ी वह पंचायत है जहां जनपद सदस्य और विधानसभा के पक्ष-विपक्ष के कई बड़े राजनीतिक चेहरे निवास करते हैं, लेकिन इसके बावजूद, मूलभूत सुविधाओं के लिए भी यहां की जनता तरस रही है।

 

स्थानीय निवासियों और जागरूक नागरिकों ने क्षेत्र की बदहाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसके केंद्र में नेताओं के खोखले चुनावी वादे और प्रशासन की लापरवाही है।

 

🚧 विकास की नींव गायब: बंद फिल्टर प्लांट और बदहाल स्वास्थ्य सेवाएँ

सिंगोड़ी में विकास की हकीकत को दर्शाने वाले दो सबसे बड़े उदाहरण हैं:

 

बंद पड़ा फिल्टर प्लांट: क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने के लिए लगाया गया फिल्टर प्लांट लंबे समय से बंद पड़ा है। निवासियों का आरोप है कि इसे पुनः चालू कराने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई भी ठोस प्रयास या फंड पास नहीं किया गया है। यह सरकारी पैसे की बर्बादी और जनता के प्रति लापरवाही का सीधा प्रमाण है।

 

डॉक्टर विहीन -अस्पताल: सिंगोड़ी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों और स्टाफ की भारी कमी है। निवासियों ने इस स्थिति को ‘कलंक’ बताया है, जहां बड़े नेताओं का निवास होने के बावजूद लोगों को स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी भटकना पड़ रहा है।

 

सिंगोड़ी के नई आबादी मोहल्ले का श्मशान घाट आज भी बदहाली का शिकार है। घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में श्मशान घाट न तो बना है और न ही वहाँ कोई बुनियादी सुविधा है।

 

सवाल: कौन जिम्मेदार?

 

स्थानीय लोग जनप्रतिनिधियों और पंचायत की चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं।

 

बारिश में कीचड़ और खुले में अंतिम संस्कार करने की मजबूरी।

 

विकास की गंगा यहाँ क्यों नहीं पहुंची?

 

🙏 श्री साहेब के नाम पर मेला, निर्माण की अनदेखी

सिंगोड़ी की पहचान उसकी सांस्कृतिक विरासत से भी है। यहां रंग पंचमी पर लगने वाला विशाल मेला और साहिब बंदगी के नाम पर निरंतर 5 दिनों तक चलने वाला भंडारा एक धार्मिक-सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है।

 

जनता का सवाल: जिस आयोजन और सांस्कृतिक विरासत के नाम से सिंगोड़ी को जिले में जाना जाता है, उसके स्थाई निर्माण या विकास के लिए किसी भी प्रकार की घोषणा को जमीनी हकीकत पर क्यों नहीं उतारा गया?

 

विकास के नाम पर हर साल वोट मांगे जाते हैं, लेकिन निर्माण के वादे हर बार ‘निराधार’ साबित होते हैं।

 

📣 चुनावी वादे बड़े, जमीनी काम शून्य

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि चुनाव के समय हर प्रत्याशी सिंगोड़ी में आकर वोटर को साधने के लिए ‘दम भर’ घोषणाएं करता है और आसमान से विकास बरसाने के वाखदे करता है।

 

नागरिकों का सीधा सवाल: “वोट लेने के बाद सिंगोड़ी के विकास को भुलाने वाले नेता और जनप्रतिनिधि आखिर क्यों खामोश हैं?

 

यदि इसी पंचायत में बड़े राजनीतिक चेहरे निवास करते हैं, तो विकास की किरण सबसे पहले यहीं क्यों नहीं पहुँचती?”

 

यह स्थिति स्पष्ट करती है कि अमरवाड़ा विधानसभा में विकास की राजनीति अभी भी वादों के पुलिंदों तक ही सीमित है, जबकि सिंगोड़ी जैसी महत्वपूर्ण पंचायत आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है।

AKASH TAMRAKAR Chhindwara mp

I am a News Report in Madhya Pradesh and News Channel work for Vande Bharat news Agency.
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