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सहारनपुर की स्थायी लोक अदालत में न्याय की नई इबारत — अध्यक्ष का पद रिक्त, संसाधन कम, प्रकरण भारी, लेकिन कामकाज सबसे मजबूत!

2024–25 में 190 केस निपटे, 370 लंबित; 13 दिसम्बर को लगेगी बड़ी लोक अदालत, जनता को मिलेगा एक करोड़ तक की राहत


🔥 सहारनपुर की स्थायी लोक अदालत में न्याय की नई इबारत — अध्यक्ष का पद रिक्त, संसाधन कम, प्रकरण भारी, लेकिन कामकाज सबसे मजबूत! 2024–25 में 190 केस निपटे, 370 लंबित; 13 दिसम्बर को लगेगी बड़ी लोक अदालत, जनता को मिलेगा एक करोड़ तक की राहत 🔥

सहारनपुर से एक बड़ी और भरोसा जगाने वाली खबर सामने आई है, जो बताती है कि जब व्यवस्था पारदर्शिता, समर्पण और सेवा-भाव से काम करे तो सीमित संसाधनों के बावजूद भी जनता को तेज़, निष्पक्ष और निशुल्क न्याय मिल सकता है। कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के अंतर्गत गठित स्थायी लोक अदालत (Permanent Lok Adalat – PLA) का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को त्वरित, कम खर्च, सरल और औपचारिकता-रहित न्याय देना है। यह अदालतें मुख्य रूप से लोक उपयोगी सेवाओं से जुड़े विवाद—जैसे बिजली, पानी, सड़क, परिवहन, बैंकिंग, बीमा, डाक, अस्पताल, टेलीफोन आदि—का निपटारा करती हैं, जिनमें कोई गंभीर आपराधिक तत्व शामिल न हो। सहारनपुर की स्थायी लोक अदालत ने पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष सबसे अधिक सक्रिय और जनता-हितैषी कार्य करते हुए न केवल न्याय व्यवस्था में आम नागरिकों का भरोसा बढ़ाया है, बल्कि यह साबित किया है कि यदि ईमानदार ढंग से नियम लागू किए जाएँ तो न्याय बिना देरी के भी मिल सकता है। वर्ष 2024–2025 में यहाँ लगभग 190 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण हुआ है। यह संख्या अपने आप में दर्शाती है कि सीमित स्टाफ और सीमित क्षमता के बावजूद अदालत के कार्य में किसी प्रकार की ढील नहीं रही। वर्तमान में लगभग 370 केस लंबित हैं, जिन पर निरंतर सुनवाई चल रही है, और उम्मीद है कि आने वाले महीनों में ये भी तेज़ गति से निस्तारित होंगे।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 24 सितम्बर 2025 से स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष का पद रिक्त है, फिर भी अदालत का कार्य पूरी तरह चल रहा है। यह संभव हुआ है अदालत के दोनों सदस्यों—श्री जगपाल सिंह और श्रीमती दिपाली पुंडीर—की सक्रियता, संवेदनशीलता और प्रशासनिक समझदारी के कारण। कानून के अनुसार, जब अध्यक्ष उपलब्ध न हो तो दोनों सदस्य आपसी सहमति से सुनवाई कर सकते हैं, समझौते के आधार पर प्रकरण निपटा सकते हैं और यदि समझौता न बने तो कानून सम्मत आदेश भी पारित कर सकते हैं। यही व्यवस्था सहारनपुर की स्थायी लोक अदालत को अध्यक्ष के रिक्त होने के बाद भी पूर्ण क्षमता से कार्य करने की शक्ति देती है। अदालत के स्टेनो श्री रवि खन्ना की भूमिका भी बेहद अहम है, जो लगातार सभी मामले टाइप, रिकॉर्ड, दस्तावेज प्रबंधन और कार्रवाई विवरण तैयार करने में जुटे रहते हैं। वहीं चपरासी श्री सचिन बत्रा का सहयोग भी अदालत के सुचारू संचालन में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

स्थायी लोक अदालत का पूरा उद्देश्य जनता को बिना किसी वकील, बिना कोर्ट फीस, बिना जटिल प्रक्रिया के न्याय देना है। यहाँ किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता, न ही पक्षकार को भारी-भरकम कागज़ी औपचारिकताओं में उलझना पड़ता है। जो लोग महीनों और वर्षों से बिजली बिल, बैंक ऋण विवाद, बीमा दावों, परिवहन सेवाओं, या किसी सरकारी विभाग से जुड़ी समस्या का समाधान ढूंढ़ रहे होते हैं, उन्हें यहाँ बहुत कम समय में राहत मिल जाती है। यह व्यवस्था इस मायने में भी अलग है कि यहाँ आने वाले प्रकरणों में पहले सुलह-समझौते का प्रयास किया जाता है। यदि दोनों पक्ष आपसी सहमति से समाधान पर पहुँच जाते हैं तो अदालत इसे आदेश के रूप में जारी कर देती है और मामला उसी दिन निस्तारित हो जाता है। इस प्रक्रिया में समय की बचत, धन की बचत और न्यायालयों का बोझ कम होता है। यदि किसी भी कारण सुलह न हो पाए तो स्थायी लोक अदालत कानूनी प्रक्रिया के अनुसार निर्णय सुनाने के लिए सक्षम है, जिसके खिलाफ सामान्य परिस्थितियों में अपील का प्रावधान नहीं होता। इस प्रकार स्थायी लोक अदालत का आदेश अंतिम मान लिया जाता है, जिससे विवाद का स्थायी समाधान सुनिश्चित हो जाता है।

सहारनपुर में पिछले एक वर्ष में आए मामलों का विश्लेषण बताता है कि सामान्य जनता में तेजी से बढ़ती जागरूकता और विभागीय शिकायतों के समाधान में देरी के कारण लोग अब स्थायी लोक अदालत को एक विश्वसनीय और प्रभावी मंच के रूप में देख रहे हैं। बिजली विभाग, जल निगम, बीमा कंपनियाँ, बैंक और परिवहन से जुड़े मामले यहाँ बड़ी संख्या में आते हैं और निस्तारित भी हो रहे हैं। विशेष रूप से बीमा कंपनियों और बैंकिंग-संबंधी मामलों में यहाँ त्वरित समाधान मिलने से हजारों लोगों को राहत मिली है। कई बार बैंकों के गैर-जरूरी चार्ज, EMI गड़बड़ी, बीमा दावे का गलत निरस्तीकरण जैसे मुद्दों में लोक अदालत ने जनता के पक्ष में निर्णय देकर विभागों को नियम के अनुसार सुधार करने के निर्देश दिए हैं। यही वजह है कि सहारनपुर जिले में स्थायी लोक अदालत को जनता का भरोसा प्राप्त है और इसकी विश्वसनीयता दिनों दिन बढ़ रही है।

इस बीच, अदालत की एक बड़ी घोषणा ने जिलेभर में चर्चा पैदा कर दी है—आगामी 13 दिसंबर 2025 को सहारनपुर में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में मामलों के निस्तारण की उम्मीद है। यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण होगा जिन्हें लंबे समय से अपने विवाद का समाधान नहीं मिल पाया है। लोक अदालत में लोग सीधे आकर अपना पक्ष रख सकते हैं। उन्हें न कोई फीस देनी है, न ही किसी वकील को बुलाने की आवश्यकता है। यहाँ तक कि अधिनियम के अनुसार, एक करोड़ रुपए तक के दावा विवाद वाले मामलों का निस्तारण भी यहाँ किया जा सकता है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग बिजली निगम, बीमा कंपनियों, बैंकिंग विवाद, उपभोक्ता शिकायतें और सरकारी सेवा संबंधी मुद्दों को लेकर लोक अदालत का रुख करते हैं।

सहारनपुर लोक अदालत की एक और विशेषता यह है कि यहाँ स्टाफ बेहद कम होने के बावजूद प्रक्रिया में कभी अव्यवस्था नहीं देखने को मिली। रेकॉर्ड मेन्टेनेस, फाइल व्यवस्था, केस की तिथियाँ, पक्षकारों को जानकारी, आदेशों की प्रतियाँ—सब कुछ व्यवस्थित ढंग से प्रबंधित किया जाता है। यहाँ चलने वाली कार्यवाही में पारदर्शिता और समयबद्धता सबसे बड़ी उपलब्धि है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि यहाँ आने वाले पक्षकारों को सम्मान और सहजता के साथ सुना जाता है। गरीब, असहाय, पीड़ित, बुजुर्ग—हर वर्ग के लोग यहाँ न्याय पाते हैं, और यही स्थायी लोक अदालत की असली पहचान है।

अध्यक्ष का पद रिक्त होने के बावजूद अदालत की मजबूती इस बात का प्रमाण है कि जब सेवाभाव, ईमानदारी और कानून के प्रति प्रतिबद्धता हो, तब किसी पद के खाली होने से जनता के हक़ में न्याय रुक नहीं सकता। अदालत के दोनों सदस्य लगातार दिन-प्रतिदिन आने वाले मामलों का संज्ञान ले रहे हैं और सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भी मामला अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। यदि अध्यक्ष की नियुक्ति जल्दी होती है तो अदालत की कार्यक्षमता और अधिक मजबूत होने की संभावना बढ़ जाएगी।

जनता से अपील है कि यदि किसी नागरिक का बिजली बिल, बैंक, बीमा, टेलीफोन, परिवहन या अन्य लोक उपयोगी सेवा से जुड़ा कोई विवाद है तो वह 13 दिसंबर की लोक अदालत में अवश्य पहुँचे। यह एक ऐसा दिन होगा जब सैकड़ों लोगों की समस्याओं का तत्काल समाधान होगा और उन्हें महीनों की भागदौड़ से छुटकारा मिलेगा। कोई भी नागरिक निशुल्क, सरल प्रक्रिया और तेज़ न्याय का लाभ उठा सकता है। सहारनपुर की स्थायी लोक अदालत आज जनहित का एक मजबूत स्तंभ बन चुकी है, और आने वाले दिनों में इससे जुड़ने वाले लोगों की संख्या और बढ़ेगी।


✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह —  सहारनपुर
📞 संपर्क: 8217554083
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