

गरियाबंद, 12 फरवरी 2026/ राजिम कुंभ कल्प मेला के स्थानीय मंच पर बुधवार 12 फरवरी को आयोजित विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को छत्तीसगढ़ी लोकविधाओं की मनोहारी झलक से रूबरू कराया। नदी मंच पर राजिम के पुरुषोत्तम मिश्रा ने भजन संध्या में “एक नाम एक भरोसा” की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया। रायपुर के गोपी किशन देवांगन ने जसगीत “चौत के महीना आबे दाई” के माध्यम से दर्शकों को आगामी चौत्र नवरात्रि की स्मृतियों से जोड़ दिया। ईश्वर लाल साहू (राजिम) ने रामायण के सीता विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे श्रोताओं ने बड़े प्रेम से सुना। भाटापारा-बलौदाबाजार के पुहुपराम यादव ने “मोर गांव के देवी शीतला” जसगीत से खूब तालियां बटोरीं।
इसी तरह नवीन मेला स्थल पर राजनांदगांव की हिमानी वासनिक ने राजा भरथरी की गाथा प्रस्तुत की। कुम्ही (राजिम) की उमा साहू ने देवी गीतों व “हर-हर भोला” से वातावरण भक्तिमय बना दिया। परसदा के जे.आर. खूंटे ने गुरु घासीदास बाबा को स्मरण कर पंथी नृत्य से समा बांधा। सुमीत यादव (अभनपुर) के लोकनृत्य, अमित कुमार साहू (राजिम) के योग प्रदर्शन, कमला बाई (पोखरा) के पंथी नृत्य तथा तौरेंगा के दौलतराम यादव के नाचा-गम्मत ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
नवागांव के महेश साहू लोककला मंच ने सुवा, राउत नाचा और कर्मा नृत्य से छत्तीसगढ़ी संस्कृति की शानदार प्रस्तुति दी। बेमेतरा की ममता वर्मा ने सुवा नृत्य में नारी शक्ति का प्रदर्शन किया। अंत में नागाबुड़ा के गंगा नायक ने जगराता की प्रस्तुति देकर दर्शकों को बांधे रखा। कार्यक्रम का संचालन निरंजन साहू, मनोज सेन, महेंद्र पंत एवं दिनेश्वर साहू ने किया।










