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अधिकारी नहीं, मित्र बनकर किसानों को उद्यानिकी के लिए करें प्रोत्साहित-नारायण सिंह कुशवाह

उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ने ली समीक्षा बैठक

सतना : उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि जिले में उद्यानिकी फसलों का रकबा बढाने किसानों को अधिकारी नहीं, बल्कि उनके मित्र बनकर उद्यानिकी के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि जिले में उत्पादित होने वाली प्रमुख उद्यानिकी फसलों के किसानों को खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना से जोड़कर उनकी आय बढ़ाये। उद्यानिकी मंत्री श्री कुशवाह शुक्रवार को सतना में उद्यानिकी खाद्य प्रसंस्करण और एग्रो के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। इस मौके पर सीईओ जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर विकास सिंह, उप संचालक उद्यानिकी अनिल सिंह तथा ब्लाक स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
उद्यानिकी मंत्री ने कहा कि कृषि वर्ष 2026 में उद्यानिकी विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए। अधिक से अधिक किसानों को उद्यानिकी की योजनाओं से जोडकर उद्यानिकी के रकबे का विस्तार करें। उन्हें फूड प्रोसेसिंग, मसालों की खेती, औषधीय खेती की ओर प्रोत्साहित करें। उद्यानिकी किसानों को एग्रो और उद्यानिकी विभाग से मिलने वाले खाद-बीज, कृषि आदान, पेप्टी साइड की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की गड़बडी बरदास्त नहीं की जायेगी। कृषि आदानों की गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले में प्याज और टमाटर का बहुतायत में उत्पादन को देखते हुए टमाटर, प्याज के शैम्पू, पेस्ट, पावडर एवं अन्य प्रसंस्करण यूनिट लगाने किसानों की जिला स्तर पर कार्यशाला दो दिवसीय आयोजित करें। इन कार्य शालाओं में कृषि वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और अनुभवी कृषि उत्पादकों को बुलाये।
उद्यानिकी मंत्री ने कहा कि विभागीय अधिकारी फील्ड में उतर कर अपने दायित्वों का निर्वहन करें। धरती आबा अभियान के तहत कई तरह की योजनायें संचालित है। सरकार ने सोलर पम्प की योजना शुरू की है। उद्यानिकी योजनाओं के लिए ज्यादा से ज्यादा डिमाण्ड पैदा करें और अधिक से अधिक लक्ष्य जिले के लिए लेकर आयें। जिले की नर्सरी की जानकारी लेते हुए मंत्री ने कहा कि नर्सरी में टयूब बेल, फेनसिंग और लेबलिंग की कार्य योजना बनाकर बेहतर स्वरूप में नर्सरी चलाये। फलों के अलावा मौसमी सब्जियों के पौधे भी तैयार कराये। उन्होंने मैदानी अधिकारियों से व्यवहारिक कठिनाइयों की जानकारी ली तथा ब्लाक स्तर पर उद्यानिकी अमले को बैठने और नर्सरी में कार्यालय कक्ष तथा स्टोर रूम के प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिये। उप संचालक उद्यानिकी ने बताया कि जिले में ड्रेगन फू्रट और स्टाªबेरी की खेती का नवाचार किया जा रहा है। मैहर में पुष्प उत्पादकों के लिए मंदिर समिति द्वारा पुष्प बाजार संचालित किया जा रहा है। बीज उत्पादन कृषि फार्म रेवरा में 5 हेक्टेयर क्षेत्र में धनिया बीज उत्पादन का कार्य लिया गया है।

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