
झारखंड
गढ़वा : नगरपालिका (आम) निर्वाचन–2026 की सरगर्मी के बीच चुनावी मैदान को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाये रखने के लिये प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। शनिवार को समाहरणालय स्थित जिला जनसंपर्क कार्यालय में मीडिया एवं एम.सी.एम.सी. (Media Certification and Monitoring Committee) कोषांग की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नोडल पदाधिकारी पंकज कुमार गिरि ने की। इस दौरान चुनाव के दौरान मीडिया की भूमिका, आदर्श आचार संहिता और विज्ञापन प्रमाणन जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। नोडल पदाधिकारी पंकज कुमार गिरि ने दो टूक कहा कि नगरपालिका चुनाव के दौरान प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर किसी भी तरह के प्रचार-प्रसार से पहले एम.सी.एम.सी. कोषांग से पूर्व अनुमति और प्रमाणन अनिवार्य होगा। उन्होंने चेताया कि बिना अनुमति प्रकाशित या प्रसारित राजनीतिक विज्ञापन आदर्श आचार संहिता का सीधा उल्लंघन माना जायेगा। मीडिया के माध्यम से किया गया हर प्रचार खर्च प्रत्याशी के कुल चुनावी व्यय में जोड़ा जायेगा। प्रशासन ने साफ किया कि आपत्तिजनक भाषा, भ्रामक प्रचार, असंयमित भाषण इनमें से किसी भी तरह की चूक पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जायेगी।
चुनावी खर्च की सीमा तय
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत उम्मीदवारों के निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा भी स्पष्ट कर दी गई।
गढ़वा नगर परिषदः अध्यक्ष: ₹06 लाख। वार्ड पार्षद: ₹1.50 लाख।
श्री बंशीधर / मझिआंव नगर पंचायतः अध्यक्ष: ₹05 लाख। वार्ड पार्षद: ₹01 लाख।
मीडिया से सहयोग की अपील
नोडल पदाधिकारी ने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की कि निष्पक्ष चुनाव में प्रशासन का सहयोग करें, पेड न्यूज, फर्जी विज्ञापन या बिना प्रमाणन प्रचार की सूचना तुरंत एम.सी.एम.सी. कोषांग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके। बैठक में प्रेस प्रतिनिधियों के साथ मीडिया एवं पब्लिसिटी सेल के कर्मी भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।









