
केंद्रीय बजट 2026-27 को आम जनता, किसानों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए संतुलित और विकास को आगे बढ़ाने वाला बजट माना जा रहा है। इस बजट में सरकार ने रोजगार बढ़ाने, अर्थव्यवस्था को नजबूत करने और कर नियमों को आसान बनाने पर खास ध्यान दिया है। सरकार ने सड़क, रेल, बिजली और अन्य सुविधाओं के विकास के लिए ?12.2 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला किया है। इससे नए काम पैदा होंगे और देश की सुविधाएँ बेहतर होगी। सरकार का मानना है कि इससे देश की आर्थिक बढ़त लगभग 7.4 प्रतिशत रहेगी। बजट में सरकार ने खर्च और आमदनी के बीच संतुलन बनाए स्खने का प्रयास किया है। अगले साल सरकारी घाटा देश की कुल आय का 4.3 प्रतिशत रखा गया है, जिससे आर्थिक स्थिति
मजबूत बनी रहे। करदाताओं के लिए राहत की बात यह है कि आयकर की दरों में कोई बदलान नहीं किया गया है। साथ है, नगा आयकर कानून अगले वर्ष से लागू होगा, जिससे कर भरने की प्रक्रिय और भी आसान हो जाएगी। अब आयकर रिटर्न में गलती सुधारने की आखिरी तारीख 31 मार्च कर दी
गई है। सड़क दुर्घटना में मिलने वाला मुआवजा और उस पर मिलने वाला ब्याज अब पूरी तरह कर-मुक्त होग। इससे दुर्घटना पीड़ित परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। विदेश में पढ़ाई या इलाज के लिए भेजे जाने वाले पैसों पर लगने वाला कर अब कम कर दिया गया है, जिससे छात्रों और मरीजों के राहत मिलेगी। शेयर बाजार में बहुत ज्यादा जोखिम भरे सौदों को रोकने के लिए वायदा और विकल्प कारोबार पर कर बढ़ाया गया है। देश में उद्योग और रोजगार बढ़ाने के लिए तरकार ने विनिर्माण, कृषि, वस्त्र उद्योग, पर्यटन और महिला शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया है। नई तकनीक, चिप निर्माण और छोटे उद्येगों को भी बढ़ाता दिया जाएगा। कुल मिलाकर, बजट 2026 127 आम लोगों को राहत देने और देश के विकास को आगे बढ़ाने वाला बजट है, जिससे आने वाले समय में रोजगार और आय के नए अवसर पैव होंगे।










