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फाइलेरिया उन्मूलन के लिए घर-घर दवा वितरण के निर्देश, कलेक्टर ने ली आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं की संयुक्त बैठक

समग्र आईडी, आयुष्मान कार्ड सुधार, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और टीकाकरण पर विशेष जोर, केंद्रों की व्यवस्थाओं के भौतिक सत्यापन के दिए निर्देश

निवाड़ी,समाचार:
निवाड़ी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से आमजन तक पहुँचाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े की अध्यक्षता में विवेकानंद सभागार ऑडिटोरियम में आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।

बैठक में कलेक्टर श्रीमती भिड़े ने निर्देश दिए कि जिले के प्रत्येक नागरिक की समग्र आईडी अनिवार्य रूप से बनाई जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं सहित अन्य शासकीय लाभों के लिए समग्र आईडी आधारभूत दस्तावेज है, इसलिए कोई भी पात्र परिवार इससे वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को घर-घर सर्वे कर आयुष्मान कार्ड एवं समग्र आईडी में त्रुटियों का तत्काल सुधार कराने के निर्देश दिए।

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कलेक्टर ने आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर देते हुए मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने और कुपोषण दूर करने के लिए विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता निर्धारित समय पर अपने क्षेत्रों में उपस्थित रहकर आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाएं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी  अनिल झामनानी ने एएनएम, एमपीडब्ल्यू, सीएचओ एवं सेक्टर सुपरवाइजरों को स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने और आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में महिलाओं की हीमोग्लोबिन, बीपी, शुगर सहित आवश्यक जांच अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। वहीं बीएमओ आर.सी. मलारिया ने ब्लॉक स्तर पर आ रही समस्याओं के समाधान और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी।

कलेक्टर श्रीमती भिड़े ने सभी सीएचसी, पीएचसी और आंगनवाड़ी केंद्रों में उपलब्ध उपकरणों एवं सामग्री का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि खराब उपकरणों को तत्काल ठीक कराया जाए या बदला जाए तथा दवाओं के स्टॉक की नियमित जांच कर एक्सपायरी दवाओं को स्टॉक में नहीं रखा जाए। साथ ही केंद्रों की स्वच्छता और सुव्यवस्थित व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया।

बैठक में जिले को फाइलेरिया (हाथीपांव) मुक्त बनाने के लिए फाइलेरिया निरोधक दवाओं के डोर-टू-डोर वितरण के सख्त निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने कहा कि आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा सेवन से वंचित न रहे तथा अभियान की प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी एवं मैदानी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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