
अजीत मिश्रा (खोजी)
।। रत्नाकर गैस एजेंसी की बड़ी ‘डिजिटल’ धांधली: उपभोक्ता के चूल्हे ठंडे, कागजों में गैस सिलेंडर ‘डिलीवर’ ।।
⭐रत्नाकर गैस एजेंसी की गुंडागर्दी: शिकायत करने पहुँचे उपभोक्ता को दुत्कारा, कालाबाजारी के सवाल पर साधी चुप्पी।
⭐सावधान! कहीं आपका गैस भी तो नहीं डकार रही रत्नाकर एजेंसी? बिना डिलीवरी ‘सक्सेसफुल’ का मैसेज भेजकर बड़ा खेल।
⭐गैस रिफिल घोटाला: शबीना खातून के हक का सिलेंडर आखिर गया कहाँ? एजेंसी के स्टॉक और हकीकत में भारी अंतर।
उत्तर प्रदेश।
बस्ती।। जनपद में गैस एजेंसियों की मनमानी और कालाबाजारी थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला रत्नाकर गैस एजेंसी से जुड़ा है, जहाँ एक उपभोक्ता को बिना सिलेंडर दिए ही मोबाइल पर ‘सफलतापूर्वक डिलीवरी’ का संदेश भेज दिया गया। डिजिटल इंडिया के दौर में एजेंसी की यह ‘कागजी बाजीगरी’ गरीब उपभोक्ताओं के हक पर डाका डाल रही है।
💫क्या है पूरा मामला?
पीड़ित उपभोक्ता शबीना खातून (उपभोक्ता संख्या: 89718203) ने जब अपना गैस रिफिल बुक कराया, तो उन्हें बिना किसी वास्तविक डिलीवरी के कैश मेमो नंबर 177559 जारी कर सिलेंडर डिलीवर होने का मैसेज मिल गया। जब पीड़ित आज एजेंसी पर अपना हक मांगने पहुँचा, तो उसे यह कहकर टरका दिया गया कि सिलेंडर तो डिलीवर हो चुका है और अब अगली बुकिंग 7 अप्रैल 2026 से पहले नहीं हो सकती।
💫एजेंसी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल:
🔥बिना ओटीपी या बिना भौतिक रसीद के डिलीवरी कैसे पूरी दिखा दी गई?
🔥क्या एजेंसी के कर्मचारी सिलेंडर को खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं?
🔥उपभोक्ता जब अपनी समस्या लेकर पहुँचा, तो उससे बात करने या समाधान निकालने के बजाय उसे वहां से भगा दिया गया।
💫प्रशासनिक मौन पर उठ रहे सवाल:
सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों का काम न करना और स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होना इस कालाबाजारी को बढ़ावा दे रहा है। पीड़ित का चूल्हा आज बुझ गया है, लेकिन रत्नाकर गैस एजेंसी के रसूख के आगे व्यवस्था मौन है। अब देखना यह है कि जिला पूर्ति अधिकारी (DSF) और प्रशासन इस ‘डिजिटल घोटाले’ पर क्या कार्रवाई करता है।




















