
वंदेभारतलाइवटीव न्युज, रविवार 01 मार्च 2026

===-: प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में अबसे संध्या एवं शयन आरती में शामिल होने के लिए शुल्क देना होगा। प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर समिति ने भस्म आरती की तर्ज पर अब संध्या आरती और शयन आरतियों के दर्शन के लिए नई व्यवस्था बनाई है। इस नई व्यवस्था से मंदिर समिति को अतिरिक्त आय की प्राप्ति भी होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंदिर समिति के इस फैसले पर भक्तजनों ने विरोध भी शुरू कर दिया है। उज्जैन बाबा महाकालेश्वर में आस्था रखने वाले भक्तजन मंदिर प्रशासन से केवल नाराज ही नहीं बल्कि स्वयं धर्मस्व मंत्री ने भी इसका विरोध किया है। मंदिर प्रशासन का यह तर्क है कि मंदिर भे भस्म आरती की तरह ही संध्या और शयन आरती की ब्रांडिंग करके आने वाले भीड़ को नियंत्रित किया जायेगा। मंदिर समिति द्वारा आरतियों के लिए तय शुल्क-: भस्म आरती समय- सुबह 04 बजे से रोजाना पास- 1200, शुल्क- 200 रू, संध्या आरती- समय- शाम 06 बजे से, रोजाना पास – 1200, शुल्क- 250 रू, शयन आरती- रात के 10 बजे से,रोजाना पास- 1200, शुल्क 250 रू। अब ऐसे भक्त दर्शनार्थी जिनके पास 250रू समय पर नहीं होगे, वे भक्त चाहते हुए भी महाकाल की तीनों आरतियों में पूरे समय तक शामिल नहीं हो सकेगे । जानकारी के अनुसार इन आरतियों की बुकिंग पूरी तरह से ऑनलाइन रखी गई है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर पाने में असमर्थ लोगों के लिए कोई मजबूत व्यवस्था भी नहीं है। पूर्व में भस्म आरती में शुल्क था, लेकिन अब संध्या और शयन आरती में भी शुल्क देय होगा, तो अब मंदिर जाने का क्या मतलब होगा। मंदिर की यह नई व्यवस्था भक्तजनों के मौलिक अधिकारों का हनन भी है। नई व्यवस्था के अनुसार यहां पर मंदिर में पैसों के आधार पर भक्ति का बंटवारा होने लगा है, आरती में अब पैसे लगेंगे तो फिर मंदिर जैसी जगहों पर भक्तजन दर्शनार्थी क्या करेंगे। इससे मंदिर आने वाले भक्तजनों पर भी असर होगा। पवित्र तीर्थस्थल पर आने वाले श्रद्धालु भक्तजनों से मामूली शुल्क लेते हुए शांतिपूर्ण दर्शन मिलना चाहिए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मंदिर जैसे जगहों पर आय के नये नये तरीके अब अपनाए जाने लगे हैं।


