
बस्ती में अवैध खनन का तांडव: यमराज बनकर दौड़ा डंफर, टैंपो को रौंदकर एक को सुलाया मौत की नींद!
रसूखदारों के 'खूनी डंफरों' ने विशुनपुरवा में मचाया कत्लेआम: एक की मौत, आठ घायल, तीन की हालत नाजुक।
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती में ‘लाल बालू’ के खेल ने ली मासूम की जान: अवैध खनन के डंफर ने ऑटो को रौंदा, मची चीख-पुकार
ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश)
- मिट्टी के खेल में बही खून की नदी: बेकाबू डंफर ने ली मासूम की जान, प्रशासन की चुप्पी पर भड़का जन-आक्रोश!
- चौकी के बगल में मौत का तांडव, पर साहब को नहीं आई शर्म! थानेदार पहले पहुंचे, चौकी प्रभारी की सुस्ती पर उठे सवाल।
- विशुनपुरवा चौकी बनी ‘डेथ जोन’: आखिर किसका संरक्षण पाकर सड़कों पर मौत बांट रहे हैं अवैध खनन के माफिया?
- खाकी की सुस्ती या मिलीभगत? हादसे के बाद भी घंटों सोती रही पुलिस, तड़पते रहे घायल।
- बस्ती सड़क हादसा: अस्पताल में जिंदगी-मौत के बीच जंग लड़ रहे 3 घायल, आखिर इन मौतों का जिम्मेदार कौन?
- सड़क किनारे खड़े टैंपो पर टूटा डंफर का कहर: कोहराम के बीच गूंजा सवाल—कब थमेगा अवैध खनन का खूनी खेल?
- अंधा प्रशासन, बेखौफ माफिया: रुधौली में फिर उजड़ा एक परिवार, क्या अब जागेगा जिम्मेदार तंत्र?
बस्ती। जनपद के रुधौली क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन के खूनी खेल ने एक बार फिर एक परिवार को ताउम्र का दर्द दे दिया है। विशुनपुरवा चौकी के पास तेज रफ्तार और बेकाबू डंफर ने सड़क किनारे खड़े एक टैंपो को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि मौके पर कोहराम मच गया। इस भीषण हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 8 लोग लहूलुहान होकर सड़क पर तड़पते रहे।

मौत का फरमान बना अवैध खनन का डंफर
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रुधौली क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहा अवैध मिट्टी खनन अब लोगों की जान का दुश्मन बन गया है। रसूखदारों के इशारे पर दौड़ने वाले ये डंफर सड़कों पर ‘यमराज’ बनकर घूम रहे हैं। टक्कर इतनी भयावह थी कि टैंपो के परखच्चे उड़ गए। हादसे में रत्नेश, निर्मला देवी और कपिल समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों में से तीन की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है, जो जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।

चौकी के बगल में हादसा, पुलिस फिर भी ‘सुस्त’
हैरानी की बात तो यह है कि यह भीषण हादसा विशुनपुरवा चौकी के बिल्कुल बगल में हुआ, लेकिन सिस्टम की संवेदनहीनता देखिए—हादसे के बाद घंटों तक चीख-पुकार मचती रही और चौकी पुलिस गहरी नींद में सोई रही। जनता का आक्रोश तब और भड़क गया जब थानेदार मौके पर पहले पहुंच गए, लेकिन बगल में मौजूद चौकी प्रभारी आराम से तशरीफ लाए।
जनता का सवाल: जब चौकी के नाक के नीचे अवैध खनन की गाड़ियां दौड़ रही हैं और हादसे हो रहे हैं, तो क्या पुलिस की मिलीभगत से इनकार किया जा सकता है?
एक्सीडेंट जोन बना विशुनपुरवा, प्रशासन मौन
विशुनपुरवा चौकी क्षेत्र अब ‘डेथ जोन’ में तब्दील हो चुका है। आए दिन होने वाले हादसों के बावजूद जिला प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यशैली पर कड़ा आक्रोश जताते हुए पूछा है कि आखिर इन अवैध खनन माफियाओं पर नकेल कब कसी जाएगी?
मुख्य बिंदु:
- अवैध खनन: बेखौफ दौड़ रहे डंफर बन रहे काल।
- लापरवाही: चौकी प्रभारी की सुस्ती पर भड़का जनता का गुस्सा।
- गंभीर स्थिति: 3 घायलों की हालत नाजुक, अस्पताल में इलाज जारी।
बड़ा सवाल: आखिर कब जागेगा जिम्मेदार तंत्र? क्या चंद रुपयों के लालच में अवैध खनन इसी तरह निर्दोषों की बलि लेता रहेगा? या फिर प्रशासन किसी और बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है?



















