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सेफ क्लिक 2.0 अभियान का समापन बंडा में हुआ, 300 से अधिक विद्यार्थियों ने निकाली साइबर जागरूकता रैली

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IMG 20260708 195512सागर।वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 * मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित राज्यव्यापी “सेफ क्लिक 2.0” साइबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत जिला सागर में 24 जून से 08 जुलाई 2026 तक लगातार 15 दिनों तक विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया (आईपीएस) के निर्देशन में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर नरेंद्र सोलंकी के नेतृत्व में जिले के समस्त पुलिस अनुभागों एवं थाना क्षेत्रों में आमजन को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के 15वें एवं अंतिम दिवस जिला स्तरीय समापन समारोह, साइबर मेला एवं प्रदर्शनी का भव्य आयोजन पुलिस अनुभाग बंडा के शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय में किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया (आईपीएस) तथा विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) जयवीर सिंह भदौरिया रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। समारोह से पूर्व लगभग 300 से अधिक छात्र-छात्राओं ने नगर में भव्य साइबर सुरक्षा जागरूकता रैली निकालकर “सोचें… समझें… फिर क्लिक करें”, “OTP किसी से साझा न करें”, “सजग नागरिक–सुरक्षित समाज” तथा “साइबर अपराध से बचें, सतर्क रहें” जैसे संदेशों के माध्यम से नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। रैली ने पूरे नगर में साइबर सुरक्षा का प्रभावी संदेश पहुंचाया। समापन दिवस पर आयोजित साइबर सुरक्षा प्रदर्शनी में ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, OTP एवं UPI फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, फर्जी लिंक, लोन ऐप फ्रॉड, साइबर बुलिंग, पहचान की चोरी तथा ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड सहित विभिन्न साइबर अपराधों एवं उनसे बचाव के उपायों का पोस्टर, चार्ट एवं सूचना सामग्री के माध्यम से प्रदर्शन किया गया। उपस्थित विद्यार्थियों, महिलाओं, व्यापारियों एवं नागरिकों को बताया गया कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति से बैंकिंग जानकारी साझा न करें, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें तथा साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी, पोस्टर, स्लोगन, निबंध, चित्रकला, भाषण, कविता, वाद-विवाद, एकल गायन एवं नुक्कड़ नाटक सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया द्वारा प्रमाण-पत्र, मेडल एवं सम्मान प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी बंडा प्रदीप वाल्मीकि ने अभियान का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि 15 दिवसीय अभियान के दौरान विकासखंड के विद्यालयों में विविध प्रतियोगिताओं एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों और आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने, किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने, OTP एवं पासवर्ड किसी के साथ साझा न करने तथा साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करने का आह्वान किया। उन्होंने सभी उपस्थित नागरिकों एवं विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की शपथ भी दिलाई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) जयवीर सिंह भदौरिया ने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है तथा प्रत्येक विद्यार्थी अपने परिवार एवं समाज का “साइबर सुरक्षा दूत” बनकर सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर नरेंद्र सोलंकी ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता और सतर्कता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक अथवा ऑनलाइन लेन-देन के प्रति सावधानी बरतें तथा साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें,सेफ क्लिक 2.0″ अभियान के दौरान जिले के सभी पुलिस अनुभागों एवं थाना क्षेत्रों में विद्यालयों, महाविद्यालयों, शासकीय कार्यालयों, बाजारों, धार्मिक स्थलों, ग्राम पंचायतों, औद्योगिक संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने हजारों विद्यार्थियों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, व्यापारियों, किसानों एवं शासकीय कर्मचारियों को डिजिटल अरेस्ट, निवेश धोखाधड़ी, सोशल मीडिया अपराध, बैंकिंग एवं UPI फ्रॉड, फर्जी वेबसाइट, OTP ठगी, साइबर बुलिंग तथा अन्य ऑनलाइन अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के संबंध में जानकारी प्रदान की।कार्यक्रम के सफल आयोजन में पुलिस अनुभाग बंडा के पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं स्थानीय प्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा

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