उत्तर प्रदेशकुशीनगरगोंडागोरखपुरबस्तीबाराबंकीराम मंदिर अयोध्यालखनऊसिद्धार्थनगर 

होरा मोटर्स की ‘नो-सर्विस’: झूठे वादों की भेंट चढ़ा ग्राहक का सपना, बैंक लोन हुआ कैंसिल

महिंद्रा शोरूम की मनमानी: बुकिंग के बाद ग्राहकों से मुंह फेर रहे होरा मोटर्स के कर्मचारी

अजीत मिश्रा (खोजी)

बस्ती: महिंद्रा शोरूम ‘होरा मोटर्स’ की वादाखिलाफी ने ग्राहक को लगाया आर्थिक फटका, बैंक लोन हुआ कैंसिल

ब्यूरो: बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश)

  •  होरा मोटर्स की लापरवाही ने ग्राहक को लगाया हजारों का चूना, कौन भरेगा हर्जाना?
  • सपनों की गाड़ी पर ‘अव्यवस्था’ का ब्रेक: होरा मोटर्स बस्ती पर वादाखिलाफी का बड़ा आरोप
  • बस्ती का ‘होरा मोटर्स’ बना ग्राहकों के लिए सिरदर्द! स्कॉर्पियो बुकिंग के नाम पर बड़ा खेल?
  • सावधान! महिंद्रा की गाड़ी लेने से पहले यह खबर जरूर पढ़ें: होरा मोटर्स बस्ती की खुली पोल।
  • बैंक लोन कैंसिल, कर्मचारी लापता! क्या यही है होरा मोटर्स महिंद्रा की असलियत?
  • महिंद्रा स्कॉर्पियो N के नाम पर ग्राहक को मानसिक प्रताड़ना, आनंद महिंद्रा से न्याय की गुहार।

बस्ती। प्रदेश में सुशासन और पारदर्शी व्यापार के दावों के बीच ऑटोमोबाइल सेक्टर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ग्राहकों के भरोसे की धज्जियां उड़ा दी हैं। बस्ती स्थित महिंद्रा की अधिकृत डीलरशिप ‘होरा मोटर्स’ पर एक ग्राहक को मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक नुकसान पहुँचाने का गंभीर आरोप लगा है। शोरूम के कर्मचारियों की लापरवाही और झूठे वादों के कारण न केवल एक उपभोक्ता का सपना टूटा, बल्कि बैंक लोन कैंसिल होने से उसे भारी वित्तीय क्षति भी झेलनी पड़ी है।

FB IMG 1778745821444

झूठे वादों की बुनियाद पर ‘बुकिंग’ का खेल

पूरा मामला महिंद्रा स्कॉर्पियो N (Z8 Select Manual) की बुकिंग से जुड़ा है। पीड़ित ग्राहक का आरोप है कि होरा मोटर्स के कर्मचारियों ने गाड़ी की डिलीवरी ‘अप्रैल अंत तक’ करने का बार-बार आश्वासन दिया था। शोरूम के इसी भरोसे पर ग्राहक ने बैंक लोन की प्रक्रिया पूरी की और सभी आवश्यक दस्तावेजी औपचारिकताएं समय रहते निपटा लीं। लेकिन जैसे ही कागजी कार्रवाई पूरी हुई, होरा मोटर्स के सुर बदल गए।

कागजी खानापूर्ति होते ही ‘लापता’ हुए कर्मचारी

हैरानी की बात यह है कि औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शोरूम का स्टाफ न तो फोन उठा रहा है और न ही सही जानकारी दे रहा है। जब भी संपर्क की कोशिश की गई, गुमराह करने वाले जवाब दिए गए। डीलरशिप की इस गैर-पेशेवर कार्यप्रणाली का नतीजा यह हुआ कि डिलीवरी में हुई देरी के कारण बैंक ने स्वीकृत लोन को रद्द (Cancel) कर दिया।

सवालों के घेरे में होरा मोटर्स और महिंद्रा ब्रांड

क्या महिंद्रा जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड के नाम पर ग्राहकों को ठगना अब आम बात हो गई है? एक तरफ कंपनी ‘कस्टमर सैटिस्फैक्शन’ के बड़े-बड़े विज्ञापन देती है, वहीं बस्ती में उसके अधिकृत डीलर ‘होरा मोटर्स’ ग्राहकों को मानसिक और आर्थिक चोट पहुँचा रहे हैं।

  • क्या शोरूम ने केवल टारगेट पूरा करने के लिए झूठी डिलीवरी डेट दी थी?
  • ग्राहक को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
  • क्या महिंद्रा कंपनी अपने इस लापरवाह डीलर पर कोई ठोस कार्रवाई करेगी?

न्याय की गुहार : पीड़ित ने इस पूरे प्रकरण को लेकर महिंद्रा के उच्चाधिकारियों और संबंधित विभागों से निष्पक्ष जाँच की मांग की है। उपभोक्ता का कहना है कि उन्होंने ईमानदारी और पारदर्शिता की उम्मीद में महिंद्रा को चुना था, लेकिन होरा मोटर्स बस्ती का अनुभव बेहद कड़वा और निराशाजनक रहा। अब देखना यह है कि क्या कंपनी अपने ग्राहक को न्याय दिला पाती है या ‘होरा मोटर्स’ की मनमानी इसी तरह जारी रहेगी।

Check Also
Close
Back to top button
error: Content is protected !!