उत्तर प्रदेशइतवाकुशीनगरगोंडागोरखपुरबस्तीलखनऊसिद्धार्थनगर 

नशे के ‘इंटरस्टेट’ सिंडिकेट पर UPSTF का काल, कुशीनगर में 3 तस्कर ढेर, 15.5 लाख का गांजा जब्त!

युवाओं की रगों में जहर घोलने वाले 3 सौदागर दबोचे: एसटीएफ ने कुशीनगर में पकड़ा 63 किलो गांजे का जखीरा!

अजीत मिश्रा (खोजी)

नशे के सौदागरों पर UPSTF का ‘वज्रप्रपात’: कुशीनगर में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी रैकेट का भंडाफोड़, 3 दबोचे!

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में 15.50 लाख की कीमत का 63 किलो से ज्यादा गांजा बरामद; यूपी को ‘नशामुक्त’ बनाने की दिशा में एसटीएफ की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक।
  • UPSTF का बड़ा धमाका: बादल यादव, शशीबिंद और राजकरण गिरफ्तार; कुशीनगर में टूटा अंतरराष्ट्रीय तस्करों का नेटवर्क!
  • सरहद पार से यूपी को ‘उड़ता पंजाब’ बनाने की बड़ी साजिश नाकाम, एसटीएफ के हत्थे चढ़े 3 शातिर अपराधी!
  • एसटीएफ की सर्जिकल स्ट्राइक: कुशीनगर में 63.250 KG गांजे के साथ 3 ड्रग माफिया गिरफ्तार!

विशेष संवाददाता, कुशीनगर।। उत्तर प्रदेश को नशे की दलदल में धकेलने की साजिश रचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के हौसले पस्त करते हुए UPSTF (स्पेशल टास्क फोर्स) ने एक बार फिर तगड़ा प्रहार किया है। एसटीएफ की टीम ने जनपद कुशीनगर में एक बड़ी और सटीक घेराबंदी करते हुए अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले तीन खूंखार सफेदपोश अपराधियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए शातिर तस्करों के पास से 63.250 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता का अवैध गांजा बरामद हुआ है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 15.50 लाख रुपये आंकी जा रही है।

एसटीएफ के चक्रव्यूह में फंसे ‘नशे के सौदागर’

​एसटीएफ के तीखे तेवरों और सटीक मुखबिरी के आगे तस्करों की हर चालाकी धरी की धरी रह गई। गिरफ्त में आए अभियुक्तों की पहचान समाज में जहर घोलने वाले निम्नलिखित चेहरों के रूप में हुई है:

  • बादल यादव उर्फ प्रिंस
  • शशीबिंद कुशवाहा
  • राजकरण गुप्ता

​ये तीनों आरोपी महज़ मोहरे नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर फैले एक ऐसे मकड़जाल के मुख्य सिंडिकेट मेंबर हैं, जो दूसरे राज्यों से भारी मात्रा में मादक पदार्थ लाकर उत्तर प्रदेश के युवाओं की रगों में धीमा जहर उतारने का धंधा कर रहे थे।

कुशीनगर बना था ट्रांजिट पॉइंट, एसटीएफ ने बिगाड़ा खेल

बड़ी कामयाबी: एसटीएफ के सूत्रों के मुताबिक, यह गैंग सीमा पार और अन्य राज्यों से गांजे की बड़ी खेप यूपी के विभिन्न जिलों में सप्लाई करने की फिराक में था। कुशीनगर को इन्होंने अपना सेफ जोन समझकर ट्रांजिट पॉइंट बनाया था। लेकिन एसटीएफ की पैनी नजरों से ये शातिर बच नहीं सके। जैसे ही तस्करों ने डिलीवरी की तैयारी की, पहले से घात लगाए बैठी एसटीएफ की टीम ने इन्हें दबोच लिया।

 

तीखे सवाल: कब थमेगा सरहद पार से नशे का यह तांडव?

​एसटीएफ की इस कामयाबी ने जहां पुलिस महकमे की पीठ थपथपाई है, वहीं इस काले कारोबार ने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। इतनी भारी मात्रा में गांजा आखिर किन-किन जिलों में खपाया जाना था? इस रैकेट के पीछे बैठे असली ‘गॉडफादर’ कौन हैं?

​फिलहाल, एसटीएफ और स्थानीय पुलिस गिरफ्तार अभियुक्तों की कुंडली खंगालने में जुट गई है। इनके मोबाइल कॉल डिटेल्स और बैंक खातों को खंगाला जा रहा है ताकि इस अवैध नेटवर्क की जड़ों को पूरी तरह उखाड़ा जा सके। एसटीएफ की इस आक्रामक कार्रवाई से पूरे इलाके के ड्रग माफियाओं और उनके आकाओं में हड़कंप मच गया है।

“नशे के सौदागरों के लिए उत्तर प्रदेश में अब कोई जगह नहीं है। एसटीएफ का यह हंटर आगे भी इसी तरह चलता रहेगा।”

Check Also
Close
Back to top button
error: Content is protected !!