
संतनु कुमार कुर्रे की रिपोर्ट
ग्राम पंचायत गोडाडीह में गहराता जल संकट, खदानों पर उठे सवाल
बिलासपुर जिले के पचपेड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत गोडाडीह इन दिनों गंभीर जल संकट से जूझ रहा है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि ग्रामीणों को पीने और नहाने तक के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
सरकार की महत्वाकांक्षी “हर घर जल योजना” का लाभ भी अब तक ग्रामीणों तक नहीं पहुंच सका है। गांव में लगे सरकारी और निजी बोरवेल का जलस्तर लगातार गिरता जा रहा है, जिसके कारण अधिकांश नलों में पानी आना बंद हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में संचालित खनन कार्य इसका मुख्य कारण हो सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, खदानों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में पानी बाहर निकाला जा रहा है, जिससे भूजल स्तर पर असर पड़ रहा है। हालांकि इस संबंध में संबंधित कंपनी या प्रशासन की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 6 अप्रैल को कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिले में अवैध बोर खनन पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि गिरते जलस्तर को नियंत्रित करना आवश्यक है, ताकि भविष्य में और बड़ी समस्या न खड़ी हो।
लेकिन सवाल यह उठता है कि जब एक ओर बोर खनन पर रोक लगाई जा रही है, तो दूसरी ओर खनन क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में पानी निकासी पर क्या प्रभावी नियंत्रण है?
ग्राम पंचायत गोडाडीह और आश्रित ग्राम सोडाडीह के ग्रामीण अब प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है।





