
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती में ‘हुक्का’ संस्कृति पर प्रशासन का प्रहार: मालवीय रोड के कैफे में चल रहा था नशे का कारोबार, संचालक समेत दो गिरफ्तार
- कोतवाली पुलिस का प्रहार: मालवीय रोड स्थित कैफे में चल रहे अवैध हुक्का बार का खुलासा
- बस्ती में पनप रहा नशे का कारोबार: भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और हुक्का उपकरणों के साथ दो गिरफ्तार
- क्या शहर के बीचो-बीच चल रहा था ‘हुक्का माफिया’ का खेल? पुलिस ने कैफे से बरामद किया नशे का जखीरा
बस्ती: जनपद के पॉश इलाके मालवीय रोड पर संचालित ‘कैफे रेब एंड रेस्टोरेंट’ के अंदर पर्दे के पीछे चल रहे ‘नशे के खेल’ का कोतवाली पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस की छापेमारी में कैफे की आड़ में चल रहे अवैध हुक्का बार से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और उपकरण बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद शहर में युवा पीढ़ी को नशे की लत में धकेलने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
कोतवाली पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मालवीय रोड स्थित इस कैफे में नियमों को ताक पर रखकर हुक्का बार चलाया जा रहा है। मुखबिर की सटीक सूचना पर जब पुलिस ने दबिश दी, तो कैफे के अंदर का मंजर चौंकाने वाला था। पुलिस ने मौके से कैफे के संचालक देवांग चौधरी (पुत्र प्रमोद चौधरी, निवासी चइयाबारी, थाना कोतवाली, बस्ती) और उसके सहयोगी अमन यादव (पुत्र कृपाल यादव, निवासी तामाखास, थाना खलीलाबाद, संतकबीरनगर) को गिरफ्तार किया है।
बरामदगी की सूची से उजागर हुआ नशे का जाल
पुलिस द्वारा की गई तलाशी में कैफे से बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ और हुक्का सामग्री बरामद हुई है, जो इस बात का सबूत है कि यहाँ बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार चल रहा था। बरामद वस्तुओं में शामिल हैं:
- उपकरण: हुक्का स्टैंड (05), हुक्का चार्ज मशीन (01), इलेक्ट्रिक हीटर (01)।
- फ्लेवर्ड पदार्थ: एक्सट्रीम (बड़े/छोटे डिब्बे), रॉयल स्मोकिंग डबल मिन्ट, अलयान आदि के कई डिब्बे।
- अन्य सामग्री: पान रस, ब्लू बैरी, रॉयल स्मोकिंग स्प्रिंग वाटर और अलफोज ग्रेप के दर्जनों पैकेट, साथ ही कोयले के टुकड़े।
क्या भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे थे कैफे संचालक?
शहर के मुख्य मार्ग पर स्थित कैफे का उपयोग इस तरह की गतिविधियों के लिए करना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर के बीचों-बीच चल रहे इस हुक्का बार में अक्सर संदिग्ध युवाओं का जमावड़ा लगा रहता था। पुलिस की यह कार्रवाई उन तमाम रसूखदार और रसूख के नशे में चूर संचालकों के लिए एक चेतावनी है, जो शिक्षा के केंद्र और रिहायशी इलाकों को नशे का अड्डा बना रहे हैं।
फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। जनता अब यह देखने को उत्सुक है कि क्या इस मामले में केवल छोटे प्यादों पर गाज गिरेगी या इस अवैध साम्राज्य के पीछे छिपे अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जाएगा?




















