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रतलाम ग्रामीण किसान भाई खरीफ फसलों का बीमा कराए 31 जुलाई अंतिम तिथि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अन्तर्गत जिले में अधिसूचित की जाने वाली खरीफ फसलों की सूची राजपत्र में प्रकाशन हो चुकी है।

रतलाम ग्रामीण किसान भाई खरीफ फसलों का बीमा कराए 31 जुलाई अंतिम तिथि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अन्तर्गत जिले में अधिसूचित की जाने वाली खरीफ फसलों की सूची राजपत्र में प्रकाशन हो चुकी है।

फसल बीमा कराने के लिए मात्र एक सप्ताह शेष है किसान जिस बैंक में उनका किसान क्रेडिट कार्ड बना है वहां जाकर फसल बुआई प्रमाण-पत्र एवं पटवारी हल्का की जानकारी सम्बंधित बैक में जाकर अद्यतन कराए। बीमा की अंतिम तिथि 31 जुलाई निधारित है।PM Fasal Bima Yojana

उप संचालक कृषि श्रीमती नीलम सिंह चौहान द्वारा बताया गया कि तहसील स्तर पर कपास एवं पटवारी हल्का स्तर पर सोयाबीन एवं मक्का फसल को परिभाषित किया गया।

कृषकों हेतु मौसम खरीफ में प्रीमीयम दर अनाज तिलहन उवं दलहनी फसलों के हलए बीमीत राशि का 2 प्रतिशत या वास्तविक दर जो भी कम हो कपास हेतु बीमीत राशि का 5 प्रतिशत या वास्तविक दर जो भी कम हो देय होगी।

सोयाबीन फसल की प्रतिहेक्टयर बीमाधन राशि 52000 रूपए जिसकी 2 प्रतिशत प्रीमीयम राशि 1040 रूपए है इसी क्रम में मक्का फसल की प्रती हैक्टेयर बीमाधन 40000 रूपए जिसकी बीमा प्रीमीयम 2 प्रतिशत राशि 800 रूपए है।

भारत सरकार द्वारा खरीफ 2024 से सभी कृषक हेतु योजना को स्वैच्छिक/एैच्छिक किया गया है इसी अनुक्रम में योजना में प्रावधान किया गया है कि अल्पकालिक फसल ऋण लेने वाले ऋणी जो अपनी फसलों का बीमा नहीं करवाना चाहते है वे कृषक बीमांकन की अंतिम तिथि से 07 दिवस पूर्व तक सम्बन्धित बैंक से लिखित में आवेदन कर निर्धारित पत्रक में भरकर योजना से बाहर जा सकते है।

अल्पकालिक फसल ऋण प्राप्त करने वाले कृषकों की फसलों का बीमा सम्बन्धित बैंक द्वारा किया जाएगा। अऋणी कृषक/ओव्हरडयू कृषक जिसका बैंक में बचत खाता है अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा बैंक लोक सेवा केन्द्र एवं कार्यरत बीमा कंपनी के अधिकृत एजंट के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज जैसे फसल बीमा प्रस्ताव फार्म आधार कार्ड पहचान पत्र वोटर कार्ड पैन कार्ड समग्र आईडी ड्राईविंग लायसेंस भू-अधिकार पुस्तिका पटवारी या ग्राम पंचायत सचिव द्वारा जारी बुवाई प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा करवा सकते है। अधिक जानकारी के लिए क्षेत्र के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सम्पर्क कर सकते हैं।

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