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सावन के अंतिम सोमवार के साथ मनाया जा रहा रक्षाबंधन का त्योहार, जानें राखी बांधने के अन्य शुभ मुहूर्त

रक्षाबंधन के दिन बहनें भाई की कलाई पर स्नेह और प्रेम का सूत्र बांधती हैं

राखी3

हेमंत नायक(लकी)मंडला मध्य प्रदेश 

वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़

इस बार रक्षाबंधन का त्योहार आज 19 अगस्त 2024 को मनाया जाएगा.साथ ही आज श्रावण मास सावन का अंतिम सोमवार आज 19 अगस्त को हैं तो वहीं पर भाई-बहन के प्यार का त्योहार रक्षाबंधन भी मनाया जा रहा है। रक्षाबंधन के दिन बहनें भाई की कलाई पर स्नेह और प्रेम का सूत्र बांधती हैं और साथ ही उसकी लंबी उम्र की कामना करती हैं. इसके बदले में भाई उन्हें रक्षा का वचन देते हैं. भारत में राखी के पवित्र पर्व को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. इसे रिश्तों में मिठास, विश्वास और प्रेम बढ़ाने वाला पर्व माना गया है. इसे हर साल सावन मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है.

रक्षाबन्धन

बहन भाई के पवित्र रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन

भारतीय धर्म संस्कृति के अनुसार रक्षाबन्धन का त्योहार श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह त्योहार भाई-बहन को स्नेह की डोर में बांधता है। इस दिन बहन अपने भाई के मस्तक पर टीका लगाकर रक्षा का बन्धन बांधती है, जिसे राखी कहते हैं। यह एक हिन्दू व जैन त्योहार है जो प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। श्रावण (सावन) में मनाये जाने के कारण इसे श्रावणी (सावनी) या सलूनो भी कहते हैं।[3] रक्षाबन्धन में राखी या रक्षासूत्र का सबसे अधिक महत्त्व है। राखी कच्चे सूत जैसे सस्ती वस्तु से लेकर रंगीन कलावे, रेशमी धागे, तथा सोने या चाँदी जैसी मँहगी वस्तु तक की हो सकती है। रक्षाबंधन भाई बहन के रिश्ते का प्रसिद्ध त्योहार है, रक्षा का मतलब सुरक्षा और बंधन का मतलब बाध्य है। रक्षाबंधन के दिन बहने भगवान से अपने भाईयों की तरक्की के लिए भगवान से प्रार्थना करती है। राखी सामान्यतः बहनें भाई को ही बाँधती हैं परन्तु ब्राह्मणों, गुरुओं और परिवार में छोटी लड़कियों द्वारा सम्मानित सम्बंधियों (जैसे पुत्री द्वारा पिता को) भी बाँधी जाती है। कभी-कभी सार्वजनिक रूप से किसी नेता या प्रतिष्ठित व्यक्ति को भी राखी बाँधी जाती है। रक्षाबंधन के दिन भाई अपने बहन को राखी के बदले कुछ उपहार देते है।

राखी2

हिन्दू धर्म के सभी धार्मिक अनुष्ठानों में रक्षासूत्र बाँधते समय कर्मकाण्डी पण्डित या आचार्य संस्कृत में एक श्लोक का उच्चारण करते हैं, जिसमें रक्षाबन्धन का सम्बन्ध राजा बलि से स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होता है (यह श्लोक रक्षाबन्धन का अभीष्ट मन्त्र -)-

येन बद्धो बलिराजा दानवेन्द्रो महाबल:।

तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल ॥

इस श्लोक का हिन्दी भावार्थ है- “जिस रक्षासूत्र से महान शक्तिशाली दानवेन्द्र राजा बलि को बाँधा गया था, उसी सूत्र से मैं तुझे बाँधता हूँ। हे रक्षे (राखी)! तुम अडिग रहना (तू अपने संकल्प से कभी भी विचलित न हो।)”

जानें ब्रह्म मुहूर्त में किस समय बंधेगी राखी-

इस दिन भद्रा व पंचक का साया भी रहने वाला है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भद्रा व पंचक के दौरान राखी बांधना अशुभ होता है। ऐसे में राखी बांधने के कुछ शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जिसमें ब्रह्म मुहूर्त का समय अति उत्तम माना जा रहा है। जानें ब्रह्म मुहूर्त में किस समय बंधेगी राखी-

राखी 1

राखी बांधने का ब्रह्म मुहूर्त: राखी बांधने का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 24 मिनट से सुबह 05 बजकर 08 मिनट तक रहेगा। भद्रा काल 19 अगस्त को 05:52 ए एम से 01:32 पी एम तक रहेगी। अगर आपका इतनी सुबह राखी बांधना संभव नहीं है तो जानें राखी बांधने के अन्य शुभ मुहूर्त-

रक्षा बंधन के दिन बन रहे ये शुभ मुहूर्त-

प्रातः सन्ध्या– 04:46 ए एम से 05:52 ए एम

अभिजित मुहूर्त– 11:57 ए एम से 12:50 पी एम

विजय मुहूर्त– 02:34 पी एम से 03:26 पी एम

गोधूलि मुहूर्त– 06:55 पी एम से 07:17 पी एम

अमृत काल– 08:24 पी एम से 09:50 पी एम

निशिता मुहूर्त– 12:02 ए एम, अगस्त 20 से 12:46 ए एम, अगस्त 20

सर्वार्थ सिद्धि योग– 05:52 ए एम से 08:10 ए एम

रवि योग– 05:52 ए एम से 08:10 ए एम

पूर्णिमा तिथि कब के कब तक- पूर्णिमा तिथि 19 अगस्त 2024 को सुबह 03 बजकर 04 मिनट से शुरू होगी और 19 अगस्त 2024 को रात 11 बजकर 55 मिनट पर समाप्त होगी।accessory 8205332 640 1

राखी बांधने के अन्य शुभ मुहूर्त-

रक्षा बंधन अनुष्ठान का समय – 01:30 पी एम से 09:07 पी एम

अवधि – 07 घंटे 37 मिनट

रक्षा बंधन के लिये अपराह्न का मुहूर्त – 01:42 पी एम से 04:19 पी एम

अवधि – 02 घंटे 37 मिनट

रक्षा बंधन के लिये प्रदोष काल का मुहूर्त – 06:55 पी एम से 09:07 पी एम

अवधि – 02 घंटे 11 मिनट

रक्षा बंधन भद्रा अन्त समय – 01:30 पी एम

रक्षा बंधन भद्रा पूंछ – 09:51 ए एम से 10:53 ए एम

रक्षा बंधन भद्रा मुख – 10:53 ए एम से 12:37 पी एम

भद्रा, पंचक व राहुकाल का समय: रक्षा बंधन के दिन राहुकाल सुबह 07 बजकर 30 मिनट से सुबह 09 बजकर 08 मिनट तक रहेगा। भद्रा का समय सुबह 05 बजकर 52 मिनट से सुबह 01 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। पंचक 19 अगस्त को शाम 07 बजे शुरू होकर 20 अगस्त को सुबह 05 बजकर 52 मिनट तक रहेंगे।Picsart 24 08 17 20 41 28 587

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