
सोनभद्र, चोपन: जिले के चोपन थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर एक अनोखी घटना घटी, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। सोन नदी के किनारे सर्वे कर रहा एक ड्रोन हाईटेंशन तार से टकराकर गिर गया और तेज धमाके के साथ फट गया। इस घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया, और देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई।
ग्रामीणों में हड़कंप, पुलिस मौके पर पहुंची
तेज धमाके की आवाज सुनते ही सिंदुरिया और बर्दिया गांव के लोग भी घबरा गए। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। चूंकि बीते दिनों देश के अलग-अलग हिस्सों में कई संदिग्ध गतिविधियां देखी गई हैं, इसलिए ग्रामीणों को लगा कि यह कोई असामान्य घटना हो सकती है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
पुलिस जांच में सामने आई सच्चाई
जब पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की और ड्रोन के गिरने की वजह जानने की कोशिश की, तो सामने आया कि यह ड्रोन भारत सरकार की ‘अटल बिहारी वाजपेयी अमृत योजना’ के तहत उड़ाया जा रहा था। इस योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में पानी की पाइपलाइन और अन्य बुनियादी संरचनाओं का सर्वे किया जाता है।
क्राइम इंस्पेक्टर इरफान अली ने बताया कि एक निजी एजेंसी को इस सर्वे की जिम्मेदारी दी गई थी। यह ड्रोन भी उसी एजेंसी का था, जो चोपन क्षेत्र में सर्वेक्षण कर रहा था। दुर्भाग्य से, सर्वे के दौरान ड्रोन हाईटेंशन तार से टकरा गया, जिससे यह नीचे गिरकर फट गया।
पुलिस और प्रशासन ने जारी किया बयान
घटना के बाद पुलिस ने इलाके में जांच की और पाया कि इसमें किसी असामान्य या आपराधिक गतिविधि का कोई संकेत नहीं मिला। सदर पुलिस क्षेत्राधिकारी डॉ. चारु द्विवेदी ने इस मामले में बयान जारी करते हुए कहा—
“ग्रामीणों को डरने की कोई जरूरत नहीं है। यह एक सर्वेक्षण ड्रोन था, जो हाईटेंशन तार से टकराने के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें कोई सुरक्षा खतरा नहीं है। पुलिस पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।”
ग्रामीणों को जागरूक करने की जरूरत
हालांकि, इस घटना से यह साफ हो गया कि अब भी कई ग्रामीण ड्रोन तकनीक और सरकारी योजनाओं से अनजान हैं। जैसे ही उन्होंने ड्रोन को उड़ते हुए देखा, उन्हें शक हुआ और वे डर गए। प्रशासन को चाहिए कि ग्रामीणों को इस तरह की योजनाओं और तकनीक के उपयोग के बारे में जागरूक करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से घबराहट न हो।





