

जिला ब्युरो गोपाल मारु रावडिया
धार ! ई-अटेंडेंस के अनियंत्रित क्रियान्वयन और अपमानजनक व्यवस्था का शिक्षक लगातार विरोध करते आ रहे हैं। इसी क्रम में जिला मुख्यालय धार में मंगलवार शाम को NMOPS संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर बड़ी संख्या में शिक्षकों ने एकत्रित होकर कलेक्टोरेट में प्रशासनिक अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
इसमें प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता और पुरानी पेंशन देने सहित ई-अटेंडेंस व्यवस्था को समाप्त करने की मांग की गई। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर शिक्षकों की समस्याओं को लेकर कलेक्टर के नाम 13 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भी सौंपा गया । NMOPS के जिला मीडिया प्रभारी मुकेश सिंदल, दौलत सिंह धारविया ने बताया कि एनएमओपीएस के जिला अध्यक्ष कमल किशोर जाट, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष राजेश मेड़ा, NMOPS संयुक्त मोर्चा के जिला महासचिव श्री राकेश जाट, जिला संयोजक कपिल सोनी, जिला सचिव महेंद्र सिंह रावत अंसार अहमद खान दिनेश मुवेल , जिला महामंत्री श्री पदम सिंह मुजाल्दा, कमलेश भारती, जिला उपाध्यक्ष अनोखी लाल गिरवाल धार तहसील अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पारगी संयोजक अभय कुमार वर्मा धरमपुरी तहसील दयाराम अचाले उमरबन ब्लॉक धर्मेंद्रसिंह मंडलोई, धरमपुरी ब्लॉक अध्यक्ष भुरेसिह चौहान,नालछा ब्लॉक अध्यक्ष जीवन सोलंकी , बाग ब्लॉक अध्यक्ष जगदीश अलावा, तिरला ब्लॉक अध्यक्ष बलराम चौधरी मनावर ब्लॉक अध्यक्ष अंतरसिंह सोलंकी निसरपुर ब्लॉक अध्यक्ष कैलाश पाटीदार बदनावर ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण पाटीदार TWTA, मनावर ब्लॉक अध्यक्ष शोभाराम वास्केल, मनावर तहसील अध्यक्ष कैलाश बुंदेला, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष अर्चना दुबे , उपाध्यक्ष श्रीमती कल्पना त्रिवेदी, श्रीमती शारदा डोडवा आदि के नेतृत्व में शिक्षकों ने ई अटेंडेंस को पूर्ण रूप से अव्यावहारिक, अमानवीय और अपमानजनक बताते हुए इसे समाप्त करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ई अटेंडेंस को शिक्षकों के लिए अपमानजनक व्यवस्था बताते हुए समाप्त किया था। अब प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी आग्रह करते हैं कि वह भी इस व्यवस्था को समाप्त कर शिक्षकों को राहत प्रदान करें। शिक्षकों ने कहा कि फिर भी यदि इसे लागू करना है
तो सभी विभागों में करें। शिक्षकों ने कहा कि राज्य शिक्षा सेवा गठन के उपरांत नवीन शिक्षक संवर्ग की नियुक्ति 1 जुलाई 2018 से कर दी गई है। ऐसे में उन्हें प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता दिए जाने और पुरानी पेंशन का लाभ प्रदान किए जाने की सरकार से ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है।
एनएम ओपीएस के जिला अध्यक्ष कमल किशोर जाट ने कहा कि एनपीएस और यूपीएस इतनी ही अच्छी है तो फिर सरकार विधायकों, सांसदों और मंत्रियों पर लागू क्यों नहीं करती । उन्हें तो पुरानी पेंशन दी जा रही है। वह भी एक नहीं दो-दो – तीन-तीन पेंशन मिल रही है। अगर सरकार कर्मचारियों को नवीन पेंशन देना चाहती है तो फिर उसे मंत्रियों और विधायकों पर भी लागू करें। जिला अध्यक्ष श्री कमल किशोर जाट साहब ने कहा कि कर्मचारी लगातार एनपीएस और यूपीएस का विरोध करते आ रहे हैं, और पुरानी पेंशन की मांग कर रहे हैं लेकिन उसे नजर अंदाज किया जा रहा है। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम ( एनएमओपीएस) ने पुरानी पेंशन बहाली ने के लिए फिर व्यापक आंदोलन की घोषणा की है। संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की रविवार को हुई ऑनलाइन बैठक में पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन पर चर्चा की गई। इसके बाद आंदोलन का विस्तृत प्रस्ताव पास किया गया। प्रदेश के साथ ही देश भर के न्यू पेंशन स्कीम प्राप्त कर्मचारी और शिक्षक पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर और टीईटी अनिवार्यता के विरोध में 25 नवंबर 2025 संवैधानिक अधिकारों की रैली के लिए अधिकारी कर्मचारी शिक्षक राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु जी के नेतृत्व में दिल्ली कूच करेंगे।
उलझ कर रह गए शिक्षक
शिक्षकों ने बताया कि विभाग के सारे कामों के लिए शिक्षक लगभग 35 एप का इस्तेमाल कर रहे हैं। साथ ही ई-अटेंडेंस के लिए भी मोबाइल का इस्तेमाल करना है। मोबाइल से ई अटेंडेंस लगाने में कई कठिनाइयां और तकनीकी दिक्कतें है ख़ास तौर पर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में । मोबाइल से उपस्थिति लगाने में शिक्षकों को अनावश्यक तनाव का भी सामना करना पड़ रहा है। साथ ही अन्य एप से और भी शासकीय कार्य करने पड़ रहे हैं। इन सब में शिक्षक उलझ कर रह गए हैं। शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा की गुणवत्ता के लिए स्कूलों में मोबाइल पूरी तरह से प्रतिबंधित हो जाना चाहिए।
*यह जानकारी NMOPS संयुक्त मोर्चा के धार ब्लॉक अध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी, योगेंद्र कुमार जायसवाल के द्वारा दी गई है।*












