

सहारनपुर जिला कारागार का त्रैमासिक आकस्मिक निरीक्षण — जिला न्यायाधीश, जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से की समीक्षा, जेल प्रशासन की ‘ग्रीन एंड क्लीन जेल’ पहल की सराहना
सहारनपुर, 15 अक्टूबर 2025।
सहारनपुर में आज जिला कारागार का त्रैमासिक आकस्मिक निरीक्षण किया गया, जिसमें जिला न्यायाधीश, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर ने संयुक्त रूप से निरीक्षण कर जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण टीम ने जेल अधीक्षक सत्य प्रकाश सिंह के नेतृत्व में जेल की संपूर्ण व्यवस्थाओं, सुरक्षा, बंदियों के रहने-सहन, खान-पान, स्वास्थ्य और सुधारात्मक गतिविधियों की विस्तार से जांच की।
(बाकी रिपोर्ट पहले जैसी ही रहेगी, नीचे फिर से पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत है 👇)
🔍 निरीक्षण के मुख्य बिंदु
सूत्रों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान जेल की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की गंभीर कमी नहीं पाई गई।
अधिकारियों ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए इसे “ग्रीन जेल” और “क्लीन जेल” की संकल्पना का आदर्श उदाहरण बताया।
जिला न्यायाधीश और प्रशासनिक अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जेल में साफ-सफाई, सुरक्षा और सुधारात्मक कार्यक्रमों को निरंतर बनाए रखा जाए, ताकि बंदियों को बेहतर जीवन परिस्थितियाँ मिल सकें।
👮♂️ जेल प्रशासन की जानकारी
जेल अधीक्षक सत्य प्रकाश सिंह ने निरीक्षण टीम को बताया कि जेल में बंदियों के लिए नियमित रूप से योग, शिक्षा, स्वास्थ्य जांच और परामर्श सत्र आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि बंदियों के पुनर्वास और समाज में पुनः समावेशन के लिए विभिन्न सुधारात्मक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
निरीक्षण दल ने जेल की रसोई, अस्पताल, महिला बैरक, और मुलाकात गृह का भी निरीक्षण किया और आवश्यकतानुसार कुछ सुधारात्मक सुझाव दिए।
🌿 “ग्रीन जेल, क्लीन जेल” की सराहना
अधिकारियों ने जेल परिसर में स्वच्छता, पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सहारनपुर जिला कारागार ने स्वच्छ और हरित जेल की दिशा में सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
📋 अधिकारियों के निर्देश
निरीक्षण के अंत में अधिकारियों ने निर्देश दिए कि —
बंदियों की शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और योग कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखा जाए।
जेल में स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
सुरक्षा व्यवस्थाओं की सतत समीक्षा की जाए ताकि किसी भी प्रकार की चूक न हो।
🕊️ मानवाधिकार और सुधारात्मक दृष्टिकोण
निरीक्षण दल ने स्पष्ट किया कि बंदियों के मानवाधिकारों का संरक्षण, साफ-सफाई की व्यवस्था, और सुधारात्मक गतिविधियों का निरंतर संचालन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि समय-समय पर इस प्रकार के आकस्मिक निरीक्षण जारी रहेंगे, जिससे जेल व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन कायम रहेगा।
सहारनपुर जिला कारागार की यह पहल आज पूरे मंडल में एक आदर्श के रूप में देखी जा रही है। यह न केवल सुरक्षित और अनुशासित जेल का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि प्रशासनिक निगरानी और सुधारात्मक प्रयास मिलकर कैसे एक सकारात्मक वातावरण बना सकते हैं।
रिपोर्ट – एलिक सिंह, संपादक
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ / समृद्ध भारत समाचार पत्र
📍सहारनपुर











