
जिला जनसंप
उप विकास आयुक्त श्री सन्नी राज ने आज आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने जीर्णोद्धार कार्य की गुणवत्ता को बारीकी से परखा और कार्य में तेजी लाने, गुणवत्ता बनाए रखने व सुरक्षा मानकों के पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़े इस केंद्र का निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पूरा किया जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतें।
इसके बाद उन्होंने हाफवे होम का दौरा किया। एनजीओ द्वारा संचालित हाफ-वे होम का संचालन संतोषप्रद पाया। कुछ कारणों से इसे पुराने स्कूल परिसर में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया। स्थानांतरण को सुचारू व सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
तत्पश्चात वे नेत्रहीन विद्यालय, जगजीवन नगर पहुंचे। उन्होंने भवन सुधार, बैठने की व्यवस्था, शौचालय व विद्युत/पानी सुविधाओं के त्वरित नवीनीकरण तथा परिसर की सफाई कराने के लिए नगर निगम को निर्देशित किया।
भ्रमण के अंतिम चरण में उप विकास आयुक्त ने ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) का दौरा किया। यहां ब्यूटी पार्लर कोर्स सहित अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम संतोषजनक पाए गए। उन्होंने प्रशिक्षण केन्द्र के खुले बगीचे व फलदार पेड़ों की सराहना की। जबकि छात्रों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता पर आपत्ति जताई और भोजन की गुणवत्ता में सुधार हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
उप विकास आयुक्त ने बताया कि जिले में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों, निर्माणाधीन परियोजनाओं और समाज कल्याण से जुड़ी संस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को परखना और समाज के संवेदनशील वर्गों को मिल रही सुविधाओं की समीक्षा करना था।
बताया कि जिला प्रशासन का लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच सुनिश्चित करना है। परियोजनाओं में समयबद्धता और कल्याणकारी संस्थानों में मानवीय दृष्टिकोण सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस दौरान जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती स्नेह कश्यप सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।














