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नीति आयोग द्वारा धार जिले के समग्र आर्थिक विकास एवं निवेश संभावनाओं पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित*

 

सुरेन्द्र दुबे डिस्टिक हेड IMG 20260109 WA0290 IMG 20260109 WA0292 IMG 20260109 WA0294 IMG 20260109 WA0295 IMG 20260109 WA0296 IMG 20260109 WA0291*धार, 9 जनवरी 2026।* मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग द्वारा राज्य में क्षेत्रीय आर्थिक विकास (Regional Economic Development) को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से G-Hub (Growth Hub) पहल प्रारंभ की गई है। इस पहल के अंतर्गत भोपाल आर्थिक क्षेत्र (BER) एवं इंदौर आर्थिक क्षेत्र (IER) को विकास के प्रमुख इंजन के रूप में विकसित करते हुए औद्योगिक, अवसंरचनात्मक, मानव संसाधन एवं संस्थागत क्षमताओं का समेकित आकलन कर दोनों क्षेत्रों के लिए इकनॉमिक प्लान तैयार किया जा रहा है।

 

*नीति आयोग के दल का पीथमपुर लॉजिस्टिक हब का भ्रमण*

 

इसी क्रम में नीति आयोग, भारत सरकार की प्रिंसिपल इकनॉमिक एडवाइजर सुश्री एना रॉय के नेतृत्व में नीति आयोग भारत सरकार के 14 सदस्यीय दल द्वारा जिले के पीथमपुर मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब का भ्रमण किया गया। स्थल निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की प्रगति संतोषजनक पाई गई तथा परियोजना से संबंधित चुनौतियों एवं समाधान हेतु नीति आयोग द्वारा चर्चा की गई।

 

*कलेक्टर कार्यालय में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक*

 

भ्रमण उपरांत कलेक्टर कार्यालय धार में कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा की उपस्थिति में जिला स्तरीय समीक्षा एवं विचार-विमर्श बैठक आयोजित की गई। बैठक में विजन–2047 एवं दिल्ली–मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC) के अंतर्गत उपलब्ध अवसरों को दृष्टिगत रखते हुए धार जिले की विकास संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

 

*ग्रोथ हब फॉर सिटी रीजन की अवधारणा*

 

नीति आयोग की वरिष्ठ अधिकारी सुश्री एना रॉय ने बताया कि नीति आयोग द्वारा वर्ष 2023 में शहरी नियोजन हेतु “ग्रोथ हब फॉर सिटी रीजन” की नई अवधारणा प्रारंभ की गई है। वर्तमान में भोपाल एवं इंदौर मेट्रोपोलिटन रीजन की योजना तैयार की जा रही है, जिसमें पीथमपुर एवं धार जिला इंदौर मेट्रोपोलिटन रीजन के महत्वपूर्ण घटक हैं।

 

*धार जिले की औद्योगिक एवं निवेश संभावनाएं*

 

कलेक्टर श्री मिश्रा ने बताया कि धार जिले का लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्र DMIC प्रभाव क्षेत्र में आता है तथा पीथमपुर–धार–महू निवेश क्षेत्र पूर्ण विकसित नोड के रूप में कार्यरत है। इसके अतिरिक्त रतलाम–नागदा एवं शाजापुर–देवास निवेश क्षेत्र आगामी औद्योगिक विकास के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। बैठक में अवगत कराया गया कि जिले में पीथमपुर, पीएम मित्रा पार्क सहित सर्वाधिक औद्योगिक पार्क एवं एस्टेट्स स्थित हैं, जिससे जिले के सकल घरेलू उत्पाद में विनिर्माण क्षेत्र का लगभग 60 प्रतिशत योगदान अनुमानित है। ऑटोमोबाइल, वस्त्र एवं परिधान, खाद्य प्रसंस्करण, सामान्य उद्योग एवं डेटा सेंटर को प्रमुख विकास प्रेरक के रूप में चिन्हित किया गया।

 

*पर्यटन, ऊर्जा एवं कृषि पर विशेष चर्चा*

 

पर्यटन क्षेत्र में मांडू (स्वदेश दर्शन 2.0), इको-टूरिज़्म, ऐतिहासिक, साहसिक एवं वेलनेस पर्यटन को बढ़ावा देने तथा नर्मदा नदी क्रूज़ – बाग – मांडू – उज्जैन – इंदौर पर्यटन सर्किट विकसित करने पर चर्चा की गई। साथ ही बाग क्षेत्र में जियो पार्क की स्थापना, बाग प्रिंट एवं बाघ गुफाओं से पर्यटन को जोड़ने, धार 200 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना, पवन ऊर्जा विस्तार, वाणिज्यिक कृषि, कपास उत्पादक किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने तथा निमाड़ क्षेत्र में सहकारी उर्वरक उत्पादन इकाई की स्थापना जैसे विषयों पर भी विचार किया गया।

 

*अवसंरचना एवं कौशल विकास*

 

बैठक में इंदौर–दाहोद, धार–छोटा उदयपुर एवं इंदौर–मनमाड़ रेल परियोजनाओं के शीघ्र पूर्ण होने, मांडू में निजी होटलों को जल आपूर्ति, कौशल विकास को सुदृढ़ करने तथा उद्योग-संचालित आईटीआई एवं अनुसंधान केंद्रों की स्थापना पर भी चर्चा की गई।

 

*समन्वित विकास पर चर्चा*

 

बैठक में उद्योगों से संबंधित नियामक अड़चनों, भूमि उपलब्धता, पर्यावरणीय चुनौतियों एवं कौशल अंतर को दूर करने हेतु समन्वित प्रयासों पर चर्चा की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारीगण, औद्योगिक प्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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