
उदयपुर: वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट के विरोध में ग्रामीणों का जोरदार विरोध, एनओसी देने से इनकार
-मुख्यमंत्री महोदय के नाम जिला कलेक्टर को ग्रामीणो ने दिया ज्ञापन I
–26 जनवरी 26 को ग्राम सभा सैकड़ो ग्रामीणों noc नहीं देने किया विरोध और प्रस्ताव किया पारित I26 जनवरी 26 को ग्राम सभा मेँ सैकड़ो ग्रामीणों द्वारा noc देने से किया इनकार व ग्राम सभा मेँ एक मत से प्रस्ताव रखा की पंचायत द्वारा noc नहीं दी जाये I
(रिपोर्ट by निशांत पंडित, डिस्ट्रिक्ट हैड, उदयपुर,राजस्थान )
उदयपुर।
जिले की कुराबड़ तहसील स्थित ग्राम पंचायत भल्लो का गुड़ा में प्रस्तावित अपशिष्ट उपचार भंडारण एवं निपटान (वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट) को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट किया है कि वे किसी भी स्थिति में इस परियोजना के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं देंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र द्वारा ग्राम करेराट पटवार मंडल, भल्लो का गुड़ा क्षेत्र की करीब 34.02 हेक्टेयर भूमि पर वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव है। यह भूमि उपजाऊ कृषि क्षेत्र है, जहां खेती, पशुपालन और ग्रामीणों की आजीविका निर्भर है।
पर्यावरण और स्वास्थ्य को खतरे की आशंका
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि प्लांट से निकलने वाले जहरीले रसायन भूमि और भूजल को प्रदूषित करेंगे। इससे कुओं और हैंडपंप का पानी पीने योग्य नहीं रहेगा और लोगों व पशुओं में गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। वहीं हवा में फैलने वाली बदबू और जहरीली गैसों से सांस संबंधी रोगों में वृद्धि होगी।
खेती और पशुपालन पर पड़ेगा असर
ग्रामीणों का कहना है कि वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट के रिसाव से आसपास की सैकड़ों बीघा जमीन बंजर हो सकती है। खेती नष्ट होने से किसानों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। साथ ही पशुओं के चरने की जमीन खत्म हो जाएगी, जिससे पशुपालन पर भी संकट खड़ा हो जाएगा।
स्कूल और आबादी के बेहद नजदीक प्रस्तावित प्लांट
ग्रामीणों ने बताया कि प्रस्तावित स्थल से मात्र 100 मीटर की दूरी पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय स्थित है, जहां 400 से 500 बच्चे अध्ययन करते हैं। इसके अलावा आसपास खेल मैदान, पानी के एनिकट और पशुओं के जल स्रोत भी मौजूद हैं। ऐसे में प्लांट लगाना बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ होगा।
पहले भी हो चुका है विरोध
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इससे पहले भी इसी क्षेत्र में खान विभाग से जुड़े मामलों को लेकर आंदोलन और हाईकोर्ट में याचिकाएं चल चुकी हैं। उस समय प्रशासन ने किसानों की वाजिब मांग को मानते हुए एनओसी रद्द की थी। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी स्थिति दोबारा नहीं दोहराई जानी चाहिए।
ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी सहमति के बिना जबरन प्लांट लगाने का प्रयास किया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की होगी।

अंत में ग्रामीणों ने मांग की है कि भल्लो का गुड़ा ग्राम पंचायत क्षेत्र में प्रस्तावित अपशिष्ट उपचार भंडारण एवं निपटान परियोजना को तत्काल निरस्त किया जाए और किसी भी हाल में एनओसी जारी न की जाए।



