
डकरा वीआईपी में त्रिपक्षीय सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न, 18 माह बाद बैठक पर उठा सवाल; खदान सुरक्षा, श्रमिक सुविधाओं और मानकों की गहन समीक्षा।।
“बैठक का शुभारंभ वीआईपी ऑफिसर क्लब परिसर में वृक्षारोपण के साथ हुआ आयोजित”
रिपोर्टर/राशीद अंसारी
खलारी। सीसीएल एनके एरिया के डकरा स्थित वीआईपी ऑफिसर क्लब में सोमवार को त्रिपक्षीय सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में खदानों की सुरक्षा व्यवस्था, श्रमिकों की सुविधाओं तथा विभिन्न परियोजनाओं में लागू सुरक्षा मानकों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में डीएमएस रांची अजीत कुमार उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में डीडीएमएस (माइनिंग) पी. हनुमंथा राव, डीडीएमएस शेख मिन्हाजुद्दीन तथा डीडीएमएस दायामपा अद्नूर शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता एनके एरिया के महाप्रबंधक दिनेश कुमार गुप्ता ने की, जबकि संचालन एरिया सेफ्टी ऑफिसर रागिनी रानी चौबे ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत, बैज एवं पौधा भेंट तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद रोहिणी परियोजना, चूरी भूमिगत खदान, डकरा परियोजना, पुरनाडीह सहित अन्य इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई।
“18 माह बाद बैठक पर नाराजगी, रिपोर्ट पर उठे सवाल”
बैठक के दौरान सुरक्षा समिति के सदस्यों ने 18 माह बाद बैठक आयोजित किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। सदस्यों ने कहा कि इतने लंबे अंतराल के बाद समीक्षा बैठक होना सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता पर सवाल खड़ा करता है।
सदस्यों ने प्रस्तुत रिपोर्टों पर असहमति जताते हुए आरोप लगाया कि कई बिंदुओं पर जमीनी स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में दर्शाई गई व्यवस्थाएं और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर है।
“श्रमिक सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर जोर”
बैठक में परियोजनाओं में लाइट, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी तथा ठेका श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। सदस्यों ने सुझाव दिया कि प्रत्येक शिफ्ट शुरू होने से पहले सुरक्षा ब्रीफिंग अनिवार्य की जाए।
इसके अलावा डंपर, डोजर जैसे भारी वाहनों की नियमित जांच, आउटसोर्सिंग एवं ट्रांसपोर्टिंग कंपनियों के श्रमिकों को समान सुरक्षा सुविधा देने तथा खदानों के प्रवेश-निकास मार्ग, निगरानी व्यवस्था और आपातकालीन प्रणाली को मजबूत करने पर बल दिया गया।
“अधिकारियों का सख्त रुख”
डीएमएस अजीत कुमार ने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा मानकों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी परियोजनाओं में निर्धारित नियमों को सख्ती से लागू करने तथा शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
महाप्रबंधक दिनेश कुमार गुप्ता ने कहा कि सुरक्षा केवल प्रबंधन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों का नियमित प्रशिक्षण सुरक्षा व्यवस्था का मूल आधार है और एनके एरिया को “शून्य दुर्घटना क्षेत्र” बनाने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।
“बैठक में मौजूद प्रमुख प्रतिनिधि एवं अधिकारी”
बैठक में एरिया सेफ्टी कमेटी के सदस्य उमाकांत सिंह, सीसीएल-सीकेएस के प्रेम कुमार, यूसीडब्ल्यूयू के धीरज कुमार, आरकेएमयू के चंद्रदीप पासवान, ध्वजा राम धोबी, सीएमयू के शैलेश कुमार, सीआईटीयू के मुकेश कुमार, तथा सीएमओएआई के सचिव कांट्रेक्टर सहित अन्य कई प्रतिनिधि एवं सीसीएल के अधिकारी उपस्थित रहे। अंत में एसओ माइनिंग जितेन्द्र सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।










