

गोंडा/गोरखपुर।
ध्रुव त्रिपाठी की शिक्षको में बढ़ती लोकप्रियता से विपक्षी परेशान सदमे में डूबे
गोरखपुर फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के 17 जनपदों में शिक्षक विधायक ध्रुव त्रिपाठी के सामने कोई प्रत्याशी अपने आप को मजबूत समझने की गलती नही कर रहा है। सबसे हास्यास्पद पहलू यह है कि किसी भी राजनीतिक दल का कोई भी प्रत्याशी एम एल सी ध्रुव त्रिपाठी के सामने लड़ने को तैयार नही है उसका बड़ा कारण यह है कि शिक्षक समुदाय के मर्म को सिर्फ ध्रुव त्रिपाठी शिक्षक होकर ही समझ सकते है ना कि आज़मगढ़ का कोई अधिवक्ता शिक्षको की नुमाइंदगी कर सकता है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी कमलेश कुमार अभी तक अपने आप को गोरखपुर फैज़ाबाद विधानमंडल क्षेत्र से प्रत्याशी बताने में भी नाकाम रहे हैं।बाकी दर्जनों लोग कोई अधिवक्ता कोई समाजसेवी , कोई वित्तविहीन शिक्षको का फरिश्ता, कोई पुरानी पेंशन बहाली को लेकर, कोई जाति के आधार पर, कोई क्षेत्रीय राजनेता बनकर अपना भाग्य आजमाइश करने में लगे हुए हैं। ध्रुव त्रिपाठी को चौथी बार विधानपरिषद में पहुंचाने का शिक्षको ने संकल्प ले लिया है। कुछ प्रत्याशी अपना मुखौटा बदलकर इस बार बड़े राजनैतिक दल का समर्थन तलाश रहे हैं। जबकि वही प्रत्याशी शिक्षक संगठन का समर्थन लेकर सम्मानजनक मतो से पराजित हो चुके हैं।जबकि ध्रुव त्रिपाठी ने स्पष्ट ऐलान कर दिया है कि चौथी बार की जीत वित्तविहीन शिक्षको तथा पुरानी पेंशन बहाली के नाम पर समर्पित रहेगी। जिसमे वित्तविहीन शिक्षको की सेवा नियमावली बनवाकर उन्हें राजकोष से वेतन दिलाने का मुद्दा सम्मिलित रहेगा।
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