
।। वंदेभारतलाइवटीव न्युज, 20 अगस्त, शुक्रव 2026 ।।
—:: प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार भारत देश भर में अब सभी डॉक्टरों का एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनेगा, इस रिकॉर्ड में डॉक्टरों का पंजीकरण नंबर, से लेकर अनुशासनात्मक कार्रवाई तक की पूरी जानकारी दर्ज रहेगी। पोर्टल पर उपलब्ध सभी जानकारी सार्वजनिक रूप से भी उपलब्ध रहेगी, जिसे कि अस्पताल और मरीज भी देख सकेंगे। इसमें एक राज्य में डॉक्टर पर हुई कार्रवाई अब दूसरे किसी राज्य में छिप नहीं सकेगी। प्राप्त जानकारी अनुसार इस नए प्रस्ताव के अंतर्गत “यूनिफाइड पैन इंडिया रजिस्ट्रेशन पोर्टल” तैयार किया जायेगा, जिन राज्यों के पास पहले से ही डिजिटल रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था है उन्हें इस राष्ट्रीय पोर्टल से जोड़ा जायेगा। जानकारी के अनुसार डॉक्टरों को अब हर राज्य में अपना अलग से रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होगी, ड्राफ्ट के अनुसार राज्य मेडिकल काउंसिल से रजिस्ट्रेशन व लायसेंस और राष्ट्रीय मेडिकल रजिस्टर में यूआईडी मिलने के बाद डॉक्टर किसी भी राज्य में बिना नए रजिस्ट्रेशन लिए प्रेक्टिस कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त मेडिकल लापरवाही, गलत आचरण, पेशेवर कदाचार, का मामला आदि जिस राज्य में होगा उसी राज्य की मेडिकल काउंसिल को जांच और फैसला करने का अधिकार भी रहेगा। प्राप्त जानकारी अनुसार नए नियमों में विदेशी डॉक्टरों के अस्थाई रजिस्ट्रेशन की सीमा को बढ़ाकर अब अधिकतम 24 महिने किए जाने का प्रस्ताव है। डॉक्टर अब एक राष्ट्रीय पहचान नंबर पर पूरे भारत देश भर में अपना प्रेक्टिस कर सकेंगे। इससे लाभ यह होगा कि सीमा से लगे हुए राज्यों के डॉक्टर आसपास के राज्यों में भी आसानी के साथ प्रेक्टिस कर सकतें हैं।






