

महराजगंज।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम सोगरवाल सख्त, लापरवाही पर जवाबदेही तय करने के निर्देश
महराजगंज। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें जनपद में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। कम प्रगति वाले कार्यक्रमों को लेकर डीएम ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
बैठक में गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग के साथ मरीजों के नियमित फॉलोअप पर विशेष जोर दिया गया। डीएम ने कहा कि केवल स्क्रीनिंग तक सीमित न रहें, बल्कि चिन्हित मरीजों को उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना सुनिश्चित किया जाए। टेलीकंसल्टेशन में कम प्रगति वाले चिकित्सकों को चिह्नित कर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के पात्र वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाने में तेजी लाने को कहा गया। वहीं टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा में रतनपुर, परतावल और बृजमनगंज में कम टीबी नोटिफिकेशन रेट पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने संभावित मरीजों की समय से पहचान, जांच, नोटिफिकेशन और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान एएनसी पंजीकरण, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की ट्रैकिंग और फॉलोअप प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। अप्रैल से अगस्त तक शून्य संस्थागत प्रसव कराने वाली आशाओं को चिह्नित कर कार्रवाई करने तथा विगत छह माह में शून्य प्रसव कराने वाली आशाओं को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए।
जननी सुरक्षा योजना में कम प्रगति मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए मिठौरा के ब्लॉक लेखा प्रबंधक मोहन चौरसिया का वेतन बाधित करने के निर्देश दिए। वहीं पूर्ण टीकाकरण में खराब प्रगति पर पनियरा के एमओआईसी को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा। डीएम ने स्पष्ट किया कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए।
पोषण सेवाओं की समीक्षा में अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित कर एनआरसी में भर्ती कराने और उनके स्वास्थ्य एवं पोषण की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए। एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समन्वय से वीएचएसएनडी सत्रों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में परतावल और फरेंदा के ब्लड स्टोरेज यूनिट को लाइसेंस दिलाने की प्रक्रिया पूरी करने तथा एम्बुलेंस में आपातकालीन स्थिति के लिए एंटी-शॉक गारमेंट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
डीएम ने कहा कि शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पहुंचना चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कम प्रगति वाले कार्यक्रमों में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शिवम कुमार, सीएमएस डॉ. ए.के. द्विवेदी समेत सभी एमओआईसी, बीपीएम, बीसीपीएम एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
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