
13 मेडिकल कॉलेजों को मान्यता दिलाने की नए सिरे से तैयारी , चिकित्सा शिक्षा

विभाग फूंक – फूंक कर रख रहा कदम प्रदेश में 13 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों को मान्यता न मिलने का झटका खाने के बाद अब चिकित्सा शिक्षा विभाग फूंक – फूंक कर कदम रख रहा है । राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग ( एनएमसी ) ने इन कॉलेजों को मान्यता नहीं दी है । ऐसे में अब पुराने नियमों के अनुसार , फिर से मान्यता पाने के लिए अपील की जाएगी । चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय में 15 और 16 जुलाई को एक अति आवश्यक बैठक बुलाई गई है । अगर मान्यता मिली तो एमबीबीएस की 1,300 सीटें बढ़ेंगी । महानिदेशक , चिकित्सा शिक्षा किंजल सिंह की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि सभी कॉलेज अपील के लिए जो भी प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं , उसे लेकर महानिदेशालय आएं । यहां पर विशेषज्ञों की कमेटी के सामने इन मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य अपना – अपना प्रस्तुतिकरण देंगे । फिर उसमें जो भी जरूरी सुधार होगा वह किया जाएगा । फिर एनएमसी के समक्ष अपील की जाएगी । जिन जिलों में जिला अस्पतालों उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज बनाया गया उनमें बिजनौर , कुशीनगर , सुलतानपुर , गोंडा , ललितपुर , लखीमपुर खीरी , चंदौली , बुलंदशहर , सोनभद्र , पीलीभीत , औरैया , कानपुर देहात और कौशांबी शामिल हैं । फिलहाल , वर्ष 2023 के नए नियमों के अनुसार अधिक चिकित्सा शिक्षक और सीनियर रेजीडेंट इत्यादि की जरूरत है । वहीं वर्ष 2020 के पुराने नियमों के अनुसार इन मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक पद भरे हैं और अन्य मानक भी पूरे हैं ।

