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कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं ने रात को क्यों फांदी चाहरदीवारी

बरडीहा प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में शनिवार को अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया.

संवाददाता अखिलेश विश्वकर्मा का रिपोर्ट गढ़वा मझिआंव से बरडीहा प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में शनिवार को अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया. और अपने अपने बच्चियों को घर ले जाने पर अड़े रहे.अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है लेकिन इस विद्यालय को वार्डन के द्वारा गंदा किया जा रहा है.औऱ उनकी बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं.

FB IMG 1723996643564अभिभावकों ने वार्डेन कविता अम्मू के चरित्र पर सवाल उठाया और कहा कि इस वार्डेन के कारण छात्राओं की मानसिक स्थिति खराब हो रही है और कोई भी छात्रा इस विद्यालय में नही रहना चाहती.जबतक विद्यालय की वार्डन को नही हटाया जाएगा तबतक वे अपने बच्चों को साथ ले जायेंगे. इधर हंगामे की खबर सुनकर थाना प्रभारी अवधेश कुमार यादव विद्यालय पहुंचे और अभिभावकों को छात्राओं की सुरक्षा का पूर्ण आस्वासन दिया.FB IMG 1723996654617

इसके बाद अभिभावक गण इस शर्त के साथ वहां से हटे कि वार्डेन को तत्काल हटाया जाना चाहिए.आखिर रात्रि आठ बजे छात्राओं को क्यों विद्यालय विद्यालय की चहारदीवारी फाँदनी पड़ी मामला 14अगस्त को रात्रि साढ़े आठ बजे का बताया जा रहा है. कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्रओं ने विद्यालय के सप्लायर कलीम खान को वार्डेन के साथ आपत्तिजनक हालत में देखा.इसके बाद विद्यालय की सारी छात्रायें आक्रोशित हो गई. और जब छात्राओं ने देखा कि विद्यालय का मेन गेट बंद है तो वे उसी रात चाहरदीवारी फांद गई और थाना पहुंच कर वार्डन और कलीम खान की करतूत को थाना प्रभारी से बताया. जिसके बाद थाना प्रभारी ने तत्काल विद्यालय जाकर कलीम खान को हिरासत में ले लिया. और बाद में पूछताछ कर छोड़ दिया. जब अभिभावकों ने सुना कि कलीम खान को छोड़ दिया गया है तो वे शनिवार को कस्तूरबा विद्यालय पहुंच गए और जमकर हंगामा किया. औऱ देर शाम तक जमे रहे. बाद में थाना प्रभारी के आस्वासन पर घर गए.

इस संबंध में पूछने पर कस्तूरबा विद्यालय आक्रोशित हो गई और कहा कि सर बताने में शर्म आ रही है. आखिर कलीम और वार्डेन मैम जब ऑफिस में जाति हैं तो खिड़की दरवाजा क्यों बंद कर लेती हैं. वार्डेन को कलीम अपने हांथ से खाना खिलाता है.छात्राओं ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें वार्डन द्वारा खतरा भी पहुंचाया जा सकता है.इधर इस घटना के बाद विद्यालय की छात्राएं काफी डरी और सहमी हुई है उन्हें अपने जान और प्रतिष्ठा का खतरा महसूस हो रहा है.जिससे वह खुलकर बोल भी नहीं पा रही थीं.

*इधर वार्डन कविता अम्मु के द्वारा बताया गया कि छात्राओं के द्वारा लगाया गया आप बिल्कुल निराधार है उन्होंने कहा कि छात्रायें हमेशा ही विद्यालय के बाहर मैदान में खेलने जाने की जिद करती थी,और मैं उन्हें जाने से रोकती थी. जिसके कारण छात्राओं को उनके प्रति काफी गुस्सा था और वही गुस्सा वे मुझपर आरोप लगाकर उतार रही हैं, उन्होंने कहा कि वे शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार चल रही हैं और किसी भी छात्रा को उनके अभिभावक के बिना चाहरदीवारी के बाहर नही जाने देंगी*

इस संबंध में थाना प्रभारी अवध कुमार यादव ने बताया कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्रायें 14 अगस्त को रात्री में पहुंची थी. शिकायत करते हुए कहा था कि मंझिआंव निवासी कलीम खान रात को विद्यालय में देर से रहता है. इसके बाद साढ़े आठ बजे पुलिस कलीम खान को थाना लाई थी. इसके बाद उसके द्वारा बताया गया कि स्वतंत्रता दिवस की मिठाई लेकर देर से आया था. और वह अपने घर जाने वाला था.थाना प्रभारी ने बताया कि उसके बारे में वार्डन द्वारा भी कोई शिकायत नही की गई थी. जिसके कारण उसे छोड़ दिया गया.

(नोट:-प्रेस के पास लड़कियों के द्वारा दिये गए बयान का वीडियो उपलब्ध है)

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