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जनपद मे फर्जी वेबसाइट से अपडेट कर रहे आधारकार्ड,जिम्मेदार मौन*

जनपद मे फर्जी वेबसाइट से अपडेट कर रहे आधारकार्ड,जिम्मेदार मौन*

*जनपद मे फर्जी वेबसाइट से अपडेट कर रहे आधारकार्ड,जिम्मेदार मौन*

 

 

हमीरपुर (राठ) – मौजूदा दौर में सरकारी या सरकारी सेवा से जुड़े किसी भी काम के लिए आपको आधार कार्ड की जरूरत पड़ती है। आधार की इसी अनिवार्यता का कुछ जन सेवा केन्द्र संचालक और ऑनलाइन कैफे वाले लोग गलत फायदा उठा रहे हैं। आधार को अपडेट या करेक्शन के नाम पर दिन प्रतिदिन फर्जीवाडा का घिनोना खेल जनपद मे खुलेआम खेला जा रहा है। जानकारी के अनुसार तहसील सारीला गेट पास कुछ ऑनलाइन कैफे और जन सेवा केन्द्र संचालक फर्जी वेबसाइट से आधारकार्डो में नाम, पता, जन्मतिथि, और मोबाईल नंबर अपडेट कर मोटी रकम वशूलते है अफ़सोस की सरकारी अफसरों को कानो कान खबर नहीं है। वही दुकानदार आधारकार्ड धारको के फिंगर प्रिंट संकलित करके कंप्यूटर मे स्टोर कर सरकारी काम मे सेंधमारी कर रहे है साथ ही आधारकार्ड धारको के संकलित फिंगरप्रीटो से क्लोन बनाकर बैंक खातों मे जमा रूपये निकालकर बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हे। जानकारी के तहत फर्जी वेबसाइट से आधार अपडेट का कार्य गोहण्ड कस्बे के इंडियन बैंक के सामने और बगल मे खुलेआम चल रहा हे जिसमे जिम्मेदार मोन बने हुए है। जरिया थाना क्षेत्र के चंडोत गांव मे ऑनलाइन कैफे संचालक भी इसी काम मे संलिप्त है। वही जलालपुर थाना क्षेत्र के भेड़ी डांडा और जलालपुर गांव में फर्जी वेबसाइट से आधार अपडेट का काम धड़ल्ले से चल रहा है। जानकारी के तहत फर्जी वेबसाइटों से आधार अपडेट कर रहे लोगो का बड़ा मकड़जाल जनपद के लगभग सभी तहसीलों और ब्लॉक में फैला है। राठ नगर के कई स्थानों पर फर्जी वेबसाइट से आधार अपडेट का गोरख धन्धा फल फूल रहा है। वही इस वक्त विद्यार्थियों के स्कॉलर के फार्म भरने की लिए आय, जाति ,और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आधारकार्ड में मोबाइल नम्बर अपडेट होना अनिवार्य कर दिया है। बिना केवाईसी के प्रमाण पत्रों का बनना सरकार द्वारा बन्द कर दिया है जिसको देखते हुए ऑनलाइन कैफे और जन सेवा केंद्र संचालक इस काम को करने के लिए जनपद में सक्रिय हो गए है। वही एक्सपर्ट की माने तो इस प्रकार से अपडेट किये जा रहे आधारकार्ड भविष्य में जांचकर कैंसिल किये जा सकते है। जबकि सरकार द्वारा आधार इनरोलमेंट कराने ये अपडेट के लिए केंद्रों को सरकारी परिसर जैसे बैंकों, डाकघरों , बीआरसी स्कूलों व सरकारी परिसरों में खुलवाए गए है जहाँ आधार कार्ड बनाये व अपडेट किये जा रहे है। बैंकों डाकघरों में भीड़भाड़ होने के चलते अधिकतर लोग ऑनलाइन कैफों में जाकर इनका शिकार हो रहे है। वही जांच होने पर एक बड़े रैकेट का खुलासा होने की संभावना है। आखिर कब तक इस पर शासन अपना शिकंजा कसती है या किसी बड़े साइबर फ्रॉड होने के लिए इन पर मेहरबान रहती है यह तो आने वाला समय बताएगा। एलडीएम संगम लाल मिश्रा ने बताया कि बैंकों में संचालित आधार केंद्रों के अलावा मेरी कोई जबाब देही नही है कौन कहा फर्जी आधार बना रहा है।

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