
गाजीपुर जिले में बिजली विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने का काम युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन कुछ स्थानों पर बिजली कर्मियों को स्थानीय लोगों से अवरोध का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अब बिजली विभाग ने अवरोध उत्पन्न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला लिया है।
स्मार्ट मीटर से जुड़ी अफवाहों का खंडन
अधिशासी अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा यह अफवाह फैलाने की कोशिश की जा रही है कि स्मार्ट मीटर लगाने से उपभोक्ताओं को अधिक बिजली का बिल आता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। ये मीटर भारत सरकार की RDSS (रिव्यू डिजिटाइजेशन और स्मार्ट मीटरिंग) योजना के तहत लगाए जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को सही बिल और समय पर सेवाएं मिल सकें।
उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत
आशीष कुमार ने बताया कि यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर से संबंधित कोई समस्या आती है तो वह संबंधित उपखंड अधिकारी या अधिशासी अभियंता से संपर्क कर सकते हैं। उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।
चेक मीटर का किया जा रहा प्रयोग
अधिशासी अभियंता ने यह भी बताया कि स्मार्ट मीटर के साथ-साथ 5% घरों में चेक मीटर भी लगाए जा रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मीटर की रीडिंग सही है। अब तक किसी मीटर में अधिक रीडिंग या तेज गति से चलने की कोई शिकायत नहीं मिली है।
सख्त कार्रवाई की चेतावनी
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर लगाने में किसी भी प्रकार का अवरोध उत्पन्न करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अवरोध उत्पन्न करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, जिसमें विद्युत आपूर्ति को अस्थाई तौर पर विच्छेदित करना भी शामिल हो सकता है। इस बीच, अधीक्षण अभियंता प्रवीण कुमार ने बताया कि अब तक जिले में करीब 14,000 स्मार्ट मीटर सफलतापूर्वक लगाए जा चुके हैं।








