
समीर वानखेड़े ब्यूरो चीफ:
गडचिरोली जिले के सभी पुलों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कर उनकी सुरक्षा को लेकर रिपोर्ट तैयार की जाए। जिन पुलों की मरम्मत या पुनर्निर्माण जरूरी है, उन्हें प्राथमिकता से किया जाए, ऐसे निर्देश राज्य के सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले ने आज दिए।
जिले में सड़कों और पुलों के कामों की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी कार्यालय के नियोजन भवन में बैठक हुई। बैठक में सामने आया कि अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण जिले के कई इलाकों का संपर्क टूट जाता है। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को पुलों की मौजूदा स्थिति, भार वहन क्षमता और जरूरी मरम्मत की जांच करने के निर्देश दिए। खासकर बाढ़ के खतरे वाले पुलों की जांच प्राथमिकता से करने को कहा।
मंत्री ने कहा कि जिले में क्षतिग्रस्त या निर्माण के दौरान ढह गए पुलों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। तकनीकी खामी, घटिया काम या लापरवाही मिलने पर संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में सहपालकमंत्री एड. आशिष जयसवाल ने गडचिरोली में पुलों का बैकलॉग खत्म करने के लिए विशेष पैकेज की मांग की। इस पर भोसले ने कहा कि जिले में जरूरी छोटे-बड़े पुलों का समग्र प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से विशेष निधि की मांग की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि नए पुलों का डिजाइन बनाते समय जिले की भौगोलिक स्थिति, भारी बारिश और बाढ़ की तीव्रता को ध्यान में रखकर आधुनिक तकनीकी मानकों का उपयोग किया जाए, ताकि पुल मजबूत, सुरक्षित और लंबे समय तक टिकाऊ बनें।
बैठक में विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे, जिलाधिकारी अविशांत पंडा, पुलिस अधीक्षक एम. रमेश समेत निर्माण विभाग के अधिकारी मौजूद थे। सहपालकमंत्री आशिष जयसवाल और सांसद डॉ. नामदेव किरसान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।






