
धमतरी/नगरी, 27 अगस्त। किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक एवं कीटनाशी उपलब्ध कराने को लेकर कृषि विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। विकासखंड नगरी में अनियमितता पाए जाने पर दो उर्वरक और छह कीटनाशी विक्रय केन्द्रों के खिलाफ 15 दिनों के लिए बिक्री प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है। विभाग की इस कार्रवाई से कृषि सामग्री विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति है।
जानकारी के अनुसार बेलरगांव क्षेत्र में 266 रुपये निर्धारित मूल्य वाली यूरिया खाद को कथित तौर पर 500 से 800 रुपये तक में बेचे जाने की खबर प्रकाशित होने के बाद कृषि विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। संबंधित विक्रय केन्द्रों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जांच के निर्देश दिए गए।
जांच अधिकारी द्वारा 27 अगस्त को प्रस्तुत रिपोर्ट में मेसर्स के.के. कृषि केन्द्र, घुरावड़ एवं मेसर्स माधुरी बीज भण्डार में विक्रय से संबंधित विभिन्न अनियमितताओं की पुष्टि हुई। इसके बाद दोनों केन्द्रों के विरुद्ध उर्वरक (गुण नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों के तहत आगामी 15 दिनों के लिए उर्वरक विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है। संबंधित संचालकों से अनियमितताओं को लेकर जवाब भी मांगा गया है।
छह कीटनाशी विक्रय केन्द्रों पर भी कार्रवाई
इसी तरह कृषि विभाग की टीमों द्वारा कीटनाशी विक्रय केन्द्रों का भी लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। नगरी विकासखंड के छह केन्द्रों में अनियमितता पाए जाने के बाद संबंधित फर्मों को नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर जवाब मांगा गया था। निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए छहों केन्द्रों पर 15 दिनों के लिए कीटनाशी विक्रय प्रतिबंधित कर दिया।
इनमें मेसर्स महेन्द्र कृषि केन्द्र, नगरी, मेसर्स देवांगन ट्रेडर्स, नगरी, मेसर्स महामाया ट्रेडर्स, नगरी, मेसर्स बालाजी राघव कृषि केन्द्र, सांकरा, मेसर्स एस.एस. कृषि केन्द्र, सांकरा तथा मेसर्स रघुपति कृषि केन्द्र, सांकराशामिल हैं। इन पर कीटनाशी अधिनियम, 1968 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है।
बिना बिल और अधिक कीमत पर बिक्री पर होगी कार्रवाई
कृषि विभाग ने जिले के सभी उर्वरक एवं कीटनाशी विक्रेताओं को निर्धारित मापदंडों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने, बिना बिल बिक्री करने, अवैध भंडारण, कालाबाजारी अथवा अमानक कृषि आदानों की बिक्री जैसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस के निलंबन अथवा निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।
किसानों से बिल लेने की अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि उर्वरक एवं कीटनाशी खरीदते समय पक्का बिल जरूर लें। साथ ही उत्पाद की पैकिंग, बैच नंबर, निर्माण एवं वैधता तिथि और निर्धारित मूल्य की जांच करें। निर्धारित दर से अधिक राशि लेने, बिना बिल सामग्री देने अथवा अमानक उत्पाद की बिक्री की जानकारी मिलने पर तत्काल कृषि विभाग को सूचना देने कहा गया है।
विभाग ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा और कृषि आदानों की गुणवत्ता एवं उपलब्धता सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।




