
प्राप्त जानकारी के अनुसार अब होम्योपैथिक डॉक्टर भी मरीजों को एलोपैथिक की दवाऐं लिख और दे सकेगें। खाद्य एवं औषधि प्रशासन एफडीए ने यह निर्णय किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल के नियमों के अनुसार सर्टिफिकेट कोर्स इन मॉर्डन फार्माकोविजी पूरा करने वाले होम्योपैथिक डॉक्टर पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर के रूप मे पंजीकरण करवाने के पात्र हो सकते है। इस नये नियमानुसार एफडीए ने दवा विक्रेताओं को होम्योपैथिक डॉक्टर द्वारा लिखी गई एलोपैथिक दवाईयों को बेचने की अनुमति दी गई है। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 के अंतर्गत नियम 1945के 2(ईई)के तहत केवल पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर के नुस्खे के आधार पर ही मरीजों को दवाऐं बेचने के अधिकारी होंगे।महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल 1965 के अंतर्गत पंजीकृत मेडिकल स्टोर्स एलोपैथिक दवाऐं बेच सकतें हैं। मॉर्डन फार्माकोलॉजी सीसीएमपी में सर्टिफिकेट कोर्स पूरा करने वाले होम्योपैथिक पंजीकृत डॉक्टर के द्वारा लिखी गई दवाऐं मेडिकल स्टोर्स वाले मरीजों को बेच सकते हैं।



