
गोविंदपुर उपडाकघर में कार्य ठप, ग्राहकों को हो रही भारी परेशानी
प्रभार नहीं मिलने से नए पोस्टमास्टर असमर्थ, पुराने पोस्टमास्टर अस्पताल में इलाजरत

गोविंदपुर (नवादा)। गोविंदपुर उपडाकघर में इन दिनों कामकाज पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कारण है – उपडाकघर में फिलहाल किसी को भी विधिवत रूप से प्रभार नहीं सौंपा गया है।
जानकारी के अनुसार, उपडाकघर के पूर्व प्रभारी पोस्टमास्टर अमरेश कुमार की ड्यूटी 7 अप्रैल 2025 को समाप्त हुई थी। ड्यूटी खत्म करने के बाद जब वे घर लौट रहे थे, उसी दौरान अवनैया पहाड़ के समीप डाक स्थान के पास वे एक दुर्घटना के शिकार हो गए। गंभीर रूप से घायल होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वे अब भी इलाजरत हैं।
उनकी अनुपस्थिति में डाक विभाग ने नवादा प्रधान डाकघर से पोस्टमास्टर लालजीत कुमार को गोविंदपुर उपडाकघर में अस्थायी रूप से तैनात किया है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि उन्हें अभी तक कार्यालय का अधिकारिक प्रभार नहीं सौंपा गया है। इससे वे कोई भी बैंकिंग या डाक संबंधी कार्य नहीं कर पा रहे हैं।
“कलम की ताकत नहीं मिली है” – नए पोस्टमास्टर की पीड़ा
नए पोस्टमास्टर लालजीत कुमार ने बताया, “मुझे यहां भेजा तो गया है, लेकिन अभी तक आधिकारिक प्रभार नहीं मिला है। बिना प्रभार के मैं कोई भी लेन-देन या अन्य सेवा शुरू नहीं कर सकता। मैं खुद चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहा हूं।”
ग्राहक हो रहे हैं परेशान, घंटों कर रहे इंतजार
डाकघर के बाहर ग्राहकों की लंबी कतार देखी जा सकती है। कोई बचत खाता से पैसे निकालने आया है, तो कोई आरडी, एफडी या टीडी खाता खोलने। कुछ लोन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए घंटों से बैठे हैं।
ग्राहक जितेंद्र कुमार, विनोद यादव, सुमीत प्रसाद, रवि कुमार और अरविंद प्रसाद ने मिलकर अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि डाकघर की सेवाएं बंद होने से उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। कई लोगों की जरूरी ट्रांजैक्शन अटकी हुई है।
प्रशासन और डाक विभाग मौन, नहीं मिल रही स्पष्ट जानकारी
स्थानीय लोगों का कहना है कि डाक विभाग को चाहिए कि वह जल्द से जल्द प्रभार सौंपने की प्रक्रिया पूरी करे ताकि उपडाकघर की सेवाएं सुचारु रूप से शुरू हो सकें। वहीं इस मुद्दे पर डाक विभाग के वरीय अधिकारियों की ओर से अब तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
गोविंदपुर उपडाकघर में प्रशासनिक अस्थिरता का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। ऐसे में यह जरूरी हो गया है कि संबंधित अधिकारी त्वरित कार्रवाई कर स्थिति को सामान्य बनाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोग आवश्यक डाक और वित्तीय सेवाओं से वंचित न रहें।




