
बिन मौसम बारिश ने मचाई तबाही, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश से गोविंदपुर प्रखंड के कई गांवों में गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद
नवादा (गोविंदपुर)।
गुरुवार को अचानक मौसम ने जो करवट ली, उसने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। दोपहर के बाद आई तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने ऐसा मंजर खड़ा कर दिया मानो रात में कोई बड़ी आपदा आ गई हो। आसमान में काले बादलों के साथ गरज-चमक और मूसलधार पानी ने नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड के किसानों की मेहनत को मिट्टी में मिला दिया।
कटाई के बाद खेत में पड़ा था गेहूं, आंधी में उड़कर पानी में समाया
किसानों ने बताया कि वे अपने गेहूं की फसल को काट चुके थे और खेत में ही पंजा बनाकर सुखाने के लिए रखा था। लेकिन बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने इन फसलों को उड़ाकर इधर-उधर बिखेर दिया। देखते ही देखते खेत जलमग्न हो गए और सारा गेहूं पानी में डूब गया।
किसानों की आपबीती
विष्णुपुर गांव के महेंद्र महतो और गनौरी महतो की एक-एक बीघा गेहूं की फसल बर्बाद हो गई।
मुकेश नाथ वर्मा का सवा एकड़ और सरयू महतो का एक बीघा गेहूं पूरी तरह से डूब गया।
रंजीत कुमार का सवा बीघा खेत तबाह हो गया।
महावरा गांव के कपिल महतो का डेढ़ बीघा, पारो महतो और प्रदीप महतो की एक-एक बीघा फसल पानी में समा गई।
खलील खान का एक बीघा और फरीद खान का पंद्रह कट्ठा गेहूं नष्ट हो गया।
वहीं महुगाई गांव के शिवालक यादव का एक बीघा फसल पूरी तरह बर्बाद हो गया।
इन सभी किसानों का कहना है कि उन्होंने जैसे-तैसे मेहनत कर फसल उगाई थी, लेकिन अब सब कुछ खत्म हो गया। खेतों में जो गेहूं काटकर रखा गया था, वह अब किसी काम का नहीं बचा है।
सरकार से लगाई गुहार
पीड़ित किसानों ने एक स्वर में प्रशासन और सरकार से क्षतिपूर्ति की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द से जल्द मुआवजा नहीं मिला, तो उनके सामने परिवार चलाने तक का संकट खड़ा हो जाएगा।







