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#ब्रेकिंग | मुज़फ्फरनगर में होटल कर्मचारी के साथ अपमानजनक व्यवहार – पहचान के नाम पर जबरन पैंट उतरवाने की कोशिश, वीडियो वायरल 

जिले में कांवड़ मार्ग स्थित एक होटल में रविवार को उस समय भारी हंगामा हो गया जब कथित रूप से स्वामी यशवीर के समर्थकों ने होटल में कार्यरत एक युवक से पहचान के नाम पर न केवल आधार कार्ड की मांग की, बल्कि जबरदस्ती पैंट उतरवाने की कोशिश की।

🔴 #ब्रेकिंग | मुज़फ्फरनगर में होटल कर्मचारी के साथ अपमानजनक व्यवहार – पहचान के नाम पर जबरन पैंट उतरवाने की कोशिश, वीडियो वायरल

मुज़फ्फरनगर। जिले में कांवड़ मार्ग स्थित एक होटल में रविवार को उस समय भारी हंगामा हो गया जब कथित रूप से स्वामी यशवीर के समर्थकों ने होटल में कार्यरत एक युवक से पहचान के नाम पर न केवल आधार कार्ड की मांग की, बल्कि जबरदस्ती पैंट उतरवाने की कोशिश की। यह शर्मनाक घटना वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली और सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। वीडियो सामने आते ही स्थानीय लोगों में रोष फैल गया और प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

पीड़ित युवक, जिसकी पहचान गोपाल के रूप में हुई है, ने बताया कि वह होटल में सामान्य सेवा कार्य कर रहा था। उसी दौरान कुछ लोग आए जो स्वामी यशवीर के अनुयायी बताए जा रहे हैं। उन्होंने पहले युवक से उसका नाम पूछा, फिर पहचान पत्र यानी आधार कार्ड की मांग की। जब गोपाल तुरंत दस्तावेज़ नहीं दिखा सका, तो उसे जबरदस्ती दीवार की ओर मोड़ा गया और पैंट उतारकर उसकी “सही पहचान” जानने की कोशिश की गई। गोपाल ने साफ़ तौर पर कहा कि वह हिंदू है, लेकिन उसके साथ इस प्रकार का अपमानजनक व्यवहार सिर्फ शक के आधार पर किया गया।

इस घटना का वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इसे न केवल असंवैधानिक, बल्कि अमानवीय बताया है। कई लोगों ने सवाल उठाए हैं कि किस अधिकार से कोई व्यक्ति किसी की पहचान जबरन इस तरह जांच सकता है? क्या यह जंगलराज नहीं है?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वामी यशवीर और उनके समर्थकों द्वारा कांवड़ मार्ग पर इन दिनों लगातार “छापेमारी जैसी कार्यवाहियां” की जा रही हैं। ये लोग बिना किसी कानूनी अधिकार के होटलों, धर्मशालाओं और ढाबों में जाकर वहाँ काम कर रहे लोगों की पहचान पूछते हैं, और कई बार तो उन्हें अपमानित भी करते हैं। बताया जा रहा है कि यह पूरी “अभियान शैली” कुछ विशेष समुदायों को लक्षित कर की जा रही है, जिससे समाज में सांप्रदायिक तनाव भी उत्पन्न हो सकता है।

घटना के बाद भी प्रशासन और पुलिस की चुप्पी हैरान करने वाली है। अब तक इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं हुई है, न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना है। कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने डीएम व एसएसपी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा।

यह घटना केवल एक युवक के साथ दुर्व्यवहार नहीं है, बल्कि यह कानून व्यवस्था और नागरिक स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है। यदि कोई भी व्यक्ति, किसी संगठन के नाम पर, पहचान पूछने के नाम पर मानव गरिमा को कुचलता है, तो यह देश की संवैधानिक व्यवस्था के लिए खतरा है। सवाल उठता है – क्या अब आम नागरिक होटल में काम करने या ठहरने से पहले अपने कपड़े भी प्रमाणित करवाएगा?

✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
उत्तर प्रदेश महामंत्री – भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद
📞 संपर्क: 8217554083

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