
बैंक ने निकाला तो बन गया साइबर अपराधी, क्रेडिट कार्ड कस्टमरों को लगाया लाखों का चुना
अजीत मिश्रा (खोजी)
।। बैंक ने निकाला तो बन गया साइबर अपराधी, क्रेडिट कार्ड कस्टमरों को लगाया लाखों का चुना।।
बस्ती। थाना साइबर क्राइम बस्ती व एस0ओ0जी0 टीम बस्ती की संयुक्त कार्यवाही में HDFC बैंक व SBI बैंक के क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट में कार्यरत कर्मी अन्तर्जनपदीय मुख्य साइबर अपराधी को छ लाख साठ हजार रूपये की साइबर धोखाधड़ी करने के अपराध में आधार कार्ड, क्रेडिट कार्ड, बैंक डेबिट कार्ड पैन कार्ड मोबाइल व अन्य सामान के साथ किया गया गिरफ्तार।
बताते चले आवेदक विकास शाहू पुत्र विफई शाहू निवासी बभनान थाना गौर, बस्ती, उत्तर प्रदेश द्वारा साइबर क्राइम पुलिस थाना बस्ती में प्रार्थना पत्र इस आशय से प्रस्तुत किया गया कि उनके साथ अज्ञात साइबर अपराधियो द्वारा HDFC बैंक के खाते से 355000 रुपये की साइबर धोखाधड़ी कर ली गयी है।जिस पर थाना पर स्थानीय धारा डी आई.टी. एक्ट पंजीकृत कर विवेचना प्रचलित है। इस प्रकरण के गंभीरता के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक ओ0पी0 सिंह द्वारा घटना का सफल अनावरण हेतु टीम का गठन किया गया। पुलिस उपाधीक्षक सदर नोडल साइबर क्राइम सतेन्द्र भूषण तिवारी द्वारा नेतृत्व करते हुए प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना विकास यादव व एस0ओ0जी0 प्रभारी चन्द्रकान्त पाण्डेय की अगुवाई में साइबर क्राइम थाना बस्ती के आरक्षी जितेन्द्र यादव द्वारा इलेक्ट्रानिक सर्विलांस व डिजिटल फुटप्रिंट, ओपेन सोर्स इंटेलिजेंस टूल आदि की मदद से उक्त घटना के मुख्य आरोपी को बस्ती से गिरफ्तार किया गया ।
अभियुक्त द्वारा बताया गया कि यह कार्य लगभग आठ साल से अलग – अलग बैंक की शाखाओं में क्रेडिट कार्ड बनवाने का काम करता था। उसी क्रम में लगभग एक साल से यह बभनान एचडीएफसी बैंक में क्रेडिट कार्ड बनवाने का काम करता था। दो माह पूर्व बैंक में कर्मचारियों से विवाद होने पर वहां से नौकरी से निकाल दिया गया था। जब मैं किसी का क्रेडिट कार्ड बनवाता था तो कस्टमर आईडी व पासवर्ड अपने पास भी रख लेता था। उसी क्रम में मेरे द्वारा कई ग्राहको जिसमें विकास साहू, सतीश मिश्रा व विजय प्रताप की कस्टमर आईडी व पासवर्ड के जरिये उनके क्रेडिट कार्ड का एक्सेस लेकर उनके खाते से व कई अन्य ग्राहको का भी मेरे द्वारा क्रेडिट कार्ड का एक्सेस लेकर उनके खाते से अपने दो परिचित मनीष ओझा पुत्र राम सहाय व अखिलेश जायसवाल की मां, अखिलेश पुत्र संतोष की माता जी सुनीता जयसवाल के क्रेडिट कार्ड में पैसे ट्रांसफर कर लेता था, जिसे बाद में मैं उनसे एक्सेस लेकर निकाल लेता था। उन दोनो लोग द्वारा उस पैसे के सम्बन्ध में मुझसे कई बार पूछा गया। मेरे द्वारा उन्हे गुमराह किया गया कि मेरा खाते से पैसा नही निकल पा रहा है जिसके कारण तुम दोनो लोग के क्रेडिट कार्ड में पैसा मंगवाता हूँ, अभियुक्तगण काफी शातिर किस्म के चालाक व तकनीकी रूप से दक्ष व अभ्यस्त साइबर अपराधी है तथा साइबर अपराध करने के तौर तरीको से भली भाति परिचित है, ये अपनी पहचान छिपाने व पुलिस के पहुंच से दूर रहने के उद्देश्य से फर्जी सिम कार्ड व म्यूल बैंक क्रेडिट कार्ड खातों का प्रयोग करते है ।



















